18 मार्च 1999 को जहानाबाद के सेनारी गाँव में सवर्ण समुदाय के 34 लोगों को बेरहमी से मार दिया गया था, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से जख्मी अवस्था में पाए गए थे।
वर्ष 2003 में अपनी शुरुआत से ही लेकर वाइब्रेंट गुजरात समिट ने एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है जिसकी बदौलत कई अन्य राज्य भी अपने यहाँ व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के शिखर सम्मेलनों के आयोजन के लिए प्रेरित हुए।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने उन्हें मंत्री और संसद बनाया, अब उसी पार्टी के वे शत्रु हो गए हैं। कार्यक्रम के दौरान मोदी ने यह भी कहा कि उन जैसे लोगों को पार्टी छोड़ देनी चाहिए।
ब्लॉग में किसी का नाम लिए बगैर जेटली ने लिखा है कि देश के पॉलिटिकल सिस्टम में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनको लगता है, वो पैदा ही देश में राज करने के लिए हुए हैं।
घर बैठे वोटर्स लिस्ट में अपना नाम दर्ज़ कराने की पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल शब्दों में समझें। अगर आप अपने निर्वाचन-क्षेत्र विवरण में बदलाव करना चाहते हैं तो उसकी भी पूरी प्रक्रिया को यहाँ समझ सकते हैं।