कोर्ट ने कहा कि गोखले के ट्वीट काफी अपमानजनक थे और इससे लक्ष्मी पुरी की प्रतिष्ठा को काफी क्षति पहुँची। कोर्ट ने गोखले से ट्विटर पर भी माफी माँगने को कहा है।
जयराम रमेश ने कहा है कि आरक्षण की सीमा को 50% से बढाकर उसे संविधान की नवीं अनुसूची में डालना पर्याप्त नहीं है क्योंकि देश के कोर्ट इसकी समीक्षा कर सकते हैं और इस पर रोक लग सकती है।