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अग्निवीर पर राहुल गाँधी के झूठ की पोल बलिदानी के परिजनों ने खोली, सदन में गुमराह करने पर कॉन्ग्रेस नेता को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी फटकारा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गाँधी के बयान पर आपत्ति जताते कहा, "राहुल गाँधी को गलत बयान देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हमारी सीमाओं की रक्षा करते हुए या युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने हाल में अग्निवीर योजना पर सवाल खड़ा करते हुए तमाम तरह के दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि अग्निवीर केवल यूज एंड थ्रो वाले मजदूर होते हैं। उन्हें न तो शहीद का दर्जा मिलता है और न ही उन्हें कोई मुआवजा मिलता है। उनके इसी बयान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को अग्निवीर योजना की सच्चाई बताई। उन्होंने राहुल गाँधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।

रक्षा मंत्री रानाथ सिंह ने राहुल गाँधी के बयान के बाद तत्काल सीट से खड़े होकर जवाब दिया। उन्होंने राहुल गाँधी के बयान पर आपत्ति जताते कहा, “राहुल गाँधी को गलत बयान देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हमारी सीमाओं की रक्षा करते हुए या युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।”

उन्होंने कहा, “मैं नेता प्रतिपक्ष से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करना चाहता हूँ कि कृपया वो संसद को गुमराह करने की कोशिश न करें। अग्निवीर योजना के संबंध में बहुत सारे लोगों से, 158 संस्थाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया, उनके सुझाव लिए गए, तब यह अग्निवीर योजना लाई गई है। बहुत सोच समझकर यह योजना लाई गई है। ऐसे में बिना अग्निवीर योजना के बारे में समझे। बिना उस संबंध में कोई पूरी जानकारी हासिल किए, इस तरीके से सदन को गुमराह करना, इसे कदापि उचित नहीं ठहराया जा सकता।”

रक्षा मंत्री ने राहुल गाँधी की ऐसी हरकत के लिए लोकसभा अध्यक्ष से अपील की कि वह ऐसा झूठ फैलाने के लिए राहुल गाँधी को सदन से ही बाहर कर दें। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन झूठ बोलने की जगह नहीं। फैक्चुअल पोजिशन रखनी चाहिए अगर नेता प्रतिपक्ष अपने स्टेटमेंट का सत्यापन नहीं करते तो उन्हें माफी माँगनी चाहिए।

इसके अलावा अगर हम टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट देखें तो उससे पता चलता है कि राहुल गाँधी सदन में साफ झूठ बोलते देखे गए। यहाँ अग्रिवीर बलिदानी का परिवार बता रहा है कि उन्हें एक बार 50 लाख रुपए मिले, फिर दोबारा में 50 लाख रुपए मिले और महाराष्ट्र सरकार से भी 10 लाख रुपए भी मिले है। यानी कुल मिलाकर उन्हें अभी तक 1 करोड़ 10 लाख रुपए की सहायता सरकार से मिल चुकी है।

बता दें कि अग्निवीर योजना को बदनाम करने का काम शुरुआत से ही होता रहा है। अब सदन में भी इस पर झूठ फैलाया जा रहा है जबकि हकीकत तो यह है कि इस योजना के तहत सेना में शामिल अग्निवीरों को अगर वीरगति प्राप्त होती है तो उन्हें अंतिम विदाई दी जाती है। अग्निवीर की सेवा शर्तों के मुताबिक युद्ध में बलिदान होने पर परिवार वालों को इंश्योरेंस (नॉन कॉन्ट्रिब्यूटरी) के 48 लाख रुपए, अग्निवीर द्वारा जमा सेवा निधि (30 पर्सेंट) और इतना ही अमाउंट सरकार द्वारा दिया जाएगा। वहीं एक्स ग्रेशिया के तौर पर 44 लाख रुपए, बाकी बचे कार्यकाल की सैलरी (चार साल कुल कार्यकाल) दी जाएगी। साथ ही आर्म्ड फोर्सेस बैटल कैजुअल्टी फंड से 8 लाख रुपए और AWWA की तरफ से तुरंत मदद के तौर पर 30 हजार रुपए दिए जाएँगे। मालूम हो कि यही सेवाएँ सामान्य प्रत्येक सैनिक के लिए होती हैं। इसलिए राहुल गाँधी का सदन मेंकिया दावा गलत होता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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