रणनीतिक भागीदारों को मूल उपकरण निर्माताओं के साथ मिलकर देश में इन पनडुब्बियों के निर्माण हेतु संयंत्र लगाने को कहा गया है। बताया जा रहा है ऐसा करने के पीछे देश को पनडुब्बियों के डिजाइन एवं उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है।
एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना ऑपरेशनल मुद्दों के कारण कमांडर्स को सेवानिवृत्त करने के लिए उत्सुक नहीं है। हमलों की जाँच की गई है। आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि बेस के एक कमांडर ने हमले के दो दिन पहले ही कमान संभाली थी।
लिपो गाँव के घने जंगलों में AN-32 विमान का मलबा मिला था, इसके बाद वायु सेना द्वारा इसकी तस्वीरें जारी कर दी थी। जारी की गई तस्वीरों में स्पष्ट नज़र आता था कि जिस जगह AN-32 का मलबा था वहाँ आसपास के पेड़ जले हुए थे।
जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी सहित गिरफ्तार अलगाववादी नेताओं ने 2017 के जम्मू-कश्मीर आतंकी फंडिंग मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। आसिया अंद्राबी ने कबूल किया कि वो विदेशी स्रोतों से फंड लेती थी और इसके एवज में...
ये वही सज्जाद भट्ट है, जिसकी कार 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में इस्तेमाल हुई थी। आत्मघाती हमलावर आदिल डार को कार देने के बाद सज्जाद भट खुद भी जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया था।
भारत-पाकिस्तान मैच के बाद का जश्न देश अभी ठीक से मना भी नहीं पाया, तभी मातम की खबर आ गई। यह खबर आई है जम्मू कश्मीर से, जहाँ आंतिकयों ने पिछले 24 घंटे के भीतर 4 अलग-अलग हमले किए। इन हमलों में हमारे 3 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। ऑपइंडिया की ओर से उनको श्रद्धांजलि।
आतंकी गुट भारतीय एजेंसियों द्वारा लगातार नजर रखे जाने के कारण नेपाल जाकर ISI के एजेंटों से मुलाकात कर रहे हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार-यूपी से सटे तराई के कई इलाकों में कई आतंकी संगठन लोगों को भर्ती करने की साज़िश में लगा हुआ है।
दोनों देशों की सेनाओं ने इस संयुक्त ऑपरेशन में जिन उग्रवादी संगठनों को निशाना बनाया गया, उनमें कामतापुर लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (KLO), एनएससीएन (NSCN), उल्फा और नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB) शामिल हैं।
इन हथियारों के बरामद होने के बाद माना जा रहा है कि माओवादी पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी आतंकी संगठन के संपर्क में हैं। इनका मकसद भारत की शासन व्यवस्था के विरुद्ध खड़े होकर देश को तोड़ना है।