बकौल निरुपम महाविकास अघाड़ी की सरकार अस्थिर है और यह लंबे समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार बेहद कमजोर विकेट पर खेल रही है और किसी भी वक्त गिर सकती है।
अब तक पूरे देश में कोरोना वायरस से जुड़े 73 मामले सामने आ चुके हैं। उधर लोकसभा में सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि वह कोरोना वायरस के कारण विदेशों में फँसे भारतीयों को किसी भी कीमत पर भारत लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जयपुर के दो रिसॉर्ट में कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश के अपने विधायकों को रखा है। रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का यह 14वॉं मौका है। अब तक नौ राज्यों की सियासी उठापठक की वजह से यह देखने को मिला है। इस सिलसिले की शुरुआत 1982 में कॉन्ग्रेस के ही भय से हुई थी।
जादव मोलाई पायेंग एक पर्यावरणविद और जोरहाट के वानिकी कार्यकर्ता हैं, जिन्हें लोकप्रिय नाम 'फ़ॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया' से भी जाना जाता है। कई दशकों के दौरान, उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी के एक सैंडबार पर पेड़ लगाए और उन्हें जंगल में बदल दिया। इन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से केवल मिट्टी और कीचड़ से भरी जमीन को फिर से हरा-भरा कर दिया।
एनजीओ के सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि आरोपित बांग्लादेशी नागरिक पीड़ित नाबालिग लड़की को कुछ महीने पहले नौकरी दिलाने के बहाने बहला-फुसला कर बेंगलुरू लाए थे। इसके बाद उसे कडुगोड़ी के एक घर में रखा गया, जहाँ पीड़िता को प्रताड़ित किया गया और उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया।
मूल रूप से सीकर, राजस्थान के रहने वाले रतन लाल को केंद्र सरकार द्वारा शहीद का दर्जा दिया गया। 42 वर्षीय रतन लाल वर्ष 1998 में दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के तौर पर नियुक्त हुए थे।
एसजी मेहता ने जस्टिस पुत्तुस्वामी द्वारा दिए गए निर्णय और ऑटो शंकर केस फ़ैसले को पढ़कर सुनाया, जिसमें ऐसे मामलों में 'प्राइवेसी के अधिकार' को महत्ता नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति सड़क पर पिस्तौल लहराते हुए घूम रहा है, तो उसे 'राइट टू प्राइवेसी' के तहत राहत नहीं दी जा सकती।
1659 में आदिलशाह ने छत्रपति शिवाजी के साम्राज्य को नष्ट करने के लिए 75000 सैनिकों की सेना के साथ अफ़ज़ल खान को भेजा। छत्रपति शिवाजी ने कूटनीतिक तरीके से अफजल खान को मार डाला। फिर उन्होंने आदिलशाही सल्तनत पर बड़े हमले शुरू करने के लिए अपने सैनिकों को संकेत दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार संजय सिंह और उदित राज से पीएफआई सरगना की लगातार बातचीत होती थी। इसके लिए कॉल, मैसेज और व्हाट्सप्प का इस्तेमाल किया जाता था। मोहम्मद परवेज़ कई भड़काऊ व्हाट्सप्प ग्रुप्स से भी जुड़ा हुआ है, जो दंगा फैलाने का काम करते हैं।
लोकसभा चुनाव के वक्त सार्वजनिक तौर पर कहा गया था कि राज्यसभा चुनाव के वक्त राजद अपने कोटे की एक सीट कॉन्ग्रेस को देगी। लेकिन, अब उसने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। ऐसा कॉन्ग्रेस के वादा याद दिलाने के बावजूद किया गया है।