केजरीवाल सरकार की अपील के बाद भी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इक तरफ चीन के बुहान शहर से तेजी से फैली महामारी ने दुनियाँ को बंद कर दिया है। तो वहीं दूसरी ओर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर कुरान पढ़ रहे हैं। यह मानते हुए कि अल्लाह उन्हें कोरोना के संकट से बचाएगा।
सुरेंद्र का सफदरगंज अस्पताल में पहले से ही इलाज चल रहा था। उन्हें रात के क़रीब 11 बजे हार्ट अटैक आया था। उन्हें अस्पताल ले जाते समय कालिंदी कुञ्ज मार्ग पूरी तरह बंद था।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों की जनसंख्या 20% के आसपास है। यानी लिबरलों व मीडिया के गिरोह विशेष के पास वहाँ के मुस्लिमों को भड़काने के ज्यादा मौके थे और इसके लिए पूरा प्रयास किया गया। लेकिन एक व्यक्ति, सिर्फ़ एक आदमी ने सभी साजिशों को ध्वस्त कर दिया।
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि धरना स्थल पर कुछ मीटरों की दूरी पर जगह-जगह रहे तख्त पर इक्का-दुक्का महिलाएँ बैठी हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं कुछ प्रदर्शनकारी मुँह पर मास्क पहने दिखाई दिए, लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना के खतरे को देखते हुए 50 से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र न होने की चेतावनी शाहीन बाग के काम नहीं आई।
चीन के बाद इस भयानक वायरस का कहर यूरोप में टूट रहा है। आँकड़ों के अनुसार, कोरोना के कारण सबसे ज्यादा मौत चीन (3,237) के बाद अभी तक इटली (2,503) में हुई हैं और ईरान (1,135) तीसरे नम्बर पर है।
इराक मूल इस्लामिक नेता अयातुल्ला सैयद हादी-अल-मुदारिसी ने भी एक विडियो संदेश में कहा था कि कोरोना वायरस चीन पर ‘अल्लाह का कहर’ है। बाद में उनके भी इस वायरस से संक्रमित होने की दुखद खबर सामने आई थी।
कमलनाथ सरकार पर मौजूदा संकट की बड़ी वजह माने जा रहे दिग्विजय सिंह ने बागी विधायकों से मुलाकात को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश जारी करने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।
आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक फैसला क्यों नहीं लिया? आप संतुष्ट नहीं हैं, तो विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर सकते हैं? बजट सत्र टाल दिया, बजट पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा? ये कुछ सवाल हैं जो शीर्ष अदालत ने मप्र विधानसभा के स्पीकर से पूछे हैं।
उद्धव ठाकरे ने बीते दिनों एल्गार परिषद की जाँच NIA को सौंपने को मँजूरी दी थी। पवार ने उद्धव के फैसले की कड़ी आलोचना की थी। अब उनको समन जारी होने के बाद महाराष्ट्र सरकार के मतभेद और गहराने के कयास लगाए जा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए लोगों से एक जगह जुटने को नहीं कहा जा रहा। लेकिन, तौहीद जमात जैसे कट्टरपंथी संगठनों को इन सबसे फर्क नहीं पड़ता। सीएए विरोध में चेन्नई हाई कोर्ट के पास प्रदर्शन कर उन्होंने यह बता दिया है।