Homeफ़ैक्ट चेकमीडिया फ़ैक्ट चेकलड़की के साथ डांस कर रहे बिहार के MLA का वायरल Video निकला Fake

लड़की के साथ डांस कर रहे बिहार के MLA का वायरल Video निकला Fake

यह स्पष्ट हो गया है कि यह वीडियो भले ही फेक नहीं हो, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में जिन विधायकों का नाम आया था, कम के कम उनका इस वीडियो से कुछ भी लेना-देना नहीं है।

स्टडी टूर पर मणिपुर गए बिहार के विधायकों की डांस करने वाली वीडियो सामने आई है। इम्फाल टाइम्स में छपी एक खबर से हिंदी मीडिया को इसके बारे में पता चल। इम्फाल टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार बिहार के चार विधायक भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित मोरे शहर में लड़कियों के साथ डांस करते कैमरे में कैद हो गए। और यह वीडियो वायरल हो गया। हालाँकि, आरोप के घेरे में आए विधायकों ने वीडियो को फेक बताते हुए पूरे मामले की जाँच की माँग की है।

जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसमें विधायक (या उनके जैसे दिखने वाले) लड़कियों के साथ डांस करते हुए दिख रहे हैं और साथ में वो डांस करने वाली लड़की को शराब भी पीला रहे हैं।

इम्फाल टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट

अखबार ने लिखा कि यह पहली बार नहीं है कि इस तरह की कोई घटना सामने आई है। अखबार का कहना है कि यहाँ ऐसी कई घटनाएँ होती हैं जिसमें वीआईपी, वीवीआईपी इस शहर को ‘सेक्स डेस्टिनेशन’ समझ कर आते हैं। हालाँकि, पर्याप्त सबूतों के अभाव में इस तरह की अनैतिक गतिविधियों पर लगाम नहीं लग पाता।

विधायकों ने वीडियो को बताया फेक

वीडियो वायरल होने और कई मीडिया संस्थानों में इस खबर के चलने बाद विधायक यदुवंश यादव ने कहा है कि इस वीडियो में वे नहीं हैं। ये फेक वीडियो है जिसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इस वीडियो को लेकर मानहानि का दावा करेंगे। यदुवंश यादव के अलावा 3 अन्य विधायकों का भी यही कहना है कि ऐसे किसी वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है और यह उन्‍हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जाँच हो। वीडियो में दिख रहा चेहरा विधायक यदुवंश यादव के चेहरे से मेल नहीं खाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर ऑपइंडिया ने भी यह खबर प्रकाशित (विधायक द्वारा फेक बताए जाने और वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं का डिस्क्लेमर लगा कर) की थी। लेकिन अब जबकि यह स्पष्ट हो गया है कि यह वीडियो भले ही फेक नहीं हो, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में जिन विधायकों का नाम आया था, कम के कम उनका इस वीडियो से कुछ भी लेना-देना नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -