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‘दिल का दौरा पड़ने से बेहोश हुए स्वामी प्रसाद मौर्य, लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती’ : जानिए क्या है सपा नेता की बीमारी का सच

एक यूजर ने लिखा, "स्वामी प्रसाद मौर्य को दिल का दौरा पड़ा, बेहोशी अवस्था में लखनऊ के मेदांता में भर्ती कराया गया... सत्ता छूटी, विधायिकी भी छिनी तो बेचारे को सदमा लगेगा ही... बिन विचारे जो करे सो पीछे पछताए।"

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में करारी हार का सामना करने वाले समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य सोशल मीडिया पर कल अचानक चर्चा में आए जब लोगों ने दावा करना शुरू किया कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया है। कई ट्विटर हैंडल से कहा गया कि सपा नेता पहले दिल का दौरा पड़ने पर बेहोश हुए और फिर उन्हें मेदांता ले जाया गया। बात ने इतना तूल पकड़ा कि खुद मौर्य को अपनी तबीयत की जानकारी ट्विटर पर देनी पड़ी।

नीचे सोशल मीडिया यूजर्स के ट्वीट देख सकते हैं। लोगों ने एक के बाद एक ट्वीट करके बताया कि स्वामी प्रसाद को हार्ट अटैक आया है। किसी ने ये खबर सुन कर कहा, “अब पछताने से क्या होगा जब चिड़िया चुग गई खेत।”

एक यूजर ने लिखा, “स्वामी प्रसाद मौर्य को दिल का दौरा पड़ा, बेहोशी अवस्था में लखनऊ के मेदांता में भर्ती कराया गया… सत्ता छूटी, विधायिकी भी छिनी तो बेचारे को सदमा लगेगा ही… बिन विचारे जो करे सो पीछे पछताए।”

जगदीश मगनानी ने ट्वीट करते हुए स्वामी प्रसाद के लिए लिखा, “अभी तो जाँच शुरू हुई है और ये अस्पताल में बुकिंग भी करवा लिया।”

एम राजकुमार ने इस खबर पर लिखा, “क्यों घुटन हो रही है बीजेपी से हटकर।”

स्वामी प्रसाद मौर्य ने किया खबर का खंडन

इन ट्वीट के अलावा भी सोशल मीडिया पर तमाम ट्वीट हैं जहाँ से स्वामी प्रसाद मौर्य को दिल का दौरा पड़ने की खबर बताई गई। लोग उन्हें कॉल मैसेज करके उनकी चिंता करने लगे। जिसके बाद समाजवादी पार्टी नेता ने एक ट्वीट में बताया कि जो बातें सोशल मीडिया पर हो रही हैं वो झूठी हैं। उन्हें दिल का दौरा नहीं पड़ा।

उन्होंने कहा, “मेरा दिल इतना कमजोर नहीं है कि कायरों के डर से मुझे दिल का दौरा पड़ेगा। ऐसी झूठी खबर फैलाने वाले लोग कृपया कायरता का प्रदर्शन ना करें। मैं पूर्ण स्वस्थ हूँ और अभी भी आवास पर कार्यकर्ताओं से मिल रहा हूँ।”

उल्लेखनीय है योगी सरकार में मंत्री पद संभालने के बावजूद चुनाव के समय पार्टी का दामन छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य को सपा में शामिल होने के बाद हार का सामना करना पड़ा था। इन चुनावों से पहले उन्हें ओबीसी वर्ग में बड़ा नेता माना जाता था, लेकिन इन चुनावों में हुई फजीहत के बाद उनका जगह जगह मजाक बन रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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