Homeविविध विषयधर्म और संस्कृतिबाजे रे बाजे रे ढोल बाजे... UNESCO की विरासत सूची में गुजरात का 'गरबा'...

बाजे रे बाजे रे ढोल बाजे… UNESCO की विरासत सूची में गुजरात का ‘गरबा’ शामिल, उत्सव में डूबे लोग न्यूयॉर्क में झूमे

गुजरात के प्रसिद्ध पारंपरिक नृत्य गरबा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक (UNESCO) संगठन ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। इस घोषणा के बाद FIA एनवाई-एनजे-सीटी-एनई ने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर कई समूहों और भारतीय महावाणिज्य दूतावास के समर्थन के साथ एक स्मारक गरबा समारोह का आयोजन किया।

गुजरात के प्रसिद्ध पारंपरिक नृत्य गरबा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक (UNESCO) संगठन ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है।

इस घोषणा के बाद फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (FIA) एनवाई-एनजे-सीटी-एनई ने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर कई समूहों और भारतीय महावाणिज्य दूतावास के समर्थन के साथ एक स्मारक गरबा समारोह का आयोजन किया।

इस आयोजन में भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में गरबा खेलते नजर आए। सुन सकते हैं पीछे ढोल बाजे गाना बज रहा है और दूसरी ओर वहाँ रहने वाले भारतीय उसपर झूम रहे हैं।

वीडियो को देखने के बाद भारत बैठे लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इस खबर को सुन भारत को इनक्रेडिबल इंडिया कहा जा रहा है। लोग खुशी में कहीं गरबा खेल रहे हैं तो कहीं उससे जुड़ी फोटो वीडियोज देख आनंद ले रहे हैं।

यूनेस्को वेबसाइट पर गरबा को लेकर कहा गया कि यह एक भक्तिपूर्ण नृत्य है। इसे नवरात्रि के त्योहार पर किया जाता है जो आदिशक्ति को समर्पित है। यह नृत्य कलश के चारों ओर होता है जिसमें लौ जलती है। इसके अलावा वहाँ देवी माँ अम्बा की एक तस्वीर भी होती है।

बता दें कि यूनेस्कों ने जिस लिस्ट में गरबा नृत्य को शामिल किया है उसमें भारत की परंपराओं या सांस्कृतिक आयोजन जैसे कि रामलीला, वैदिक मंत्रोच्चार, कुंभ मेला और दुर्गा पूजा को भी पहले जगह मिली है। गरबा के इस लिस्ट में शामिल होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में गरबा का शामिल होना हमारी संस्कृति की एक सुंदरता है। हमें इसका सम्मान करते हुए आने वाली पीढ़ी के लिए इसका संरक्षण करना चाहिए।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।

‘मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?’: राहुल गाँधी-संदीप दीक्षित की PM मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर घटिया टिप्पणी, कॉन्ग्रेस का महिला-विरोधी चेहरा...

राहुल गाँधी ने PM मोदी की विदेश नीति का मजाक उड़ाते हुए संदीप दीक्षित को गले लगाया। इसके बाद दीक्षित ने मेलोनी को लेकर भद्दी टिप्पणी की।
- विज्ञापन -