Monday, April 22, 2024
Homeविविध विषयधर्म और संस्कृतिखीर भवानी माता मंदिर: शुभ-अशुभ से पहले बदल जाता है कुंड के जल का...

खीर भवानी माता मंदिर: शुभ-अशुभ से पहले बदल जाता है कुंड के जल का रंग, अनुच्छेद-370 पर दिया था खुशहाली का संकेत

प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कुंड का जल काला हो जाता है। जब अनुच्छेद-370 हटाया गया था तब कुंड का जल हरे रंग का हो गया था। जल का यह हरा रंग कश्मीर की उन्नति और खुशहाली का प्रतीक माना गया।

भारत के मंदिर ही उसे सबसे अलग बनाते हैं और शायद ये मंदिर ही हिंदुओं में आज भी सनातन को जीवित रखने का एक प्रमुख कारण भी हैं। भारत देश के लगभग सभी मंदिरों की अपनी कुछ मान्यताएँ और प्रथाएँ हैं। ऐसा ही एक मंदिर जम्मू-कश्मीर में स्थित है, जहाँ स्थापित है माँ दुर्गा की प्रतिमा। खीर भवानी माता के नाम से जाना जाने वाले इस मंदिर का रहस्य ही उसे सबसे अलग बनाता है और यह रहस्य है मंदिर में स्थित कुंड के जल के रंग बदलने का। इस कुंड का जल आज भी कश्मीर में आने वाली विपत्ति की सूचना देता है। तो आइए जानते हैं, क्या है मंदिर का इतिहास और कैसे लंका से यहाँ पहुँचीं खीर भवानी माता।

पौराणिक मान्यता

लंका नरेश रावण माता खीर भवानी का परम भक्त था। उसने अपनी तपस्या और साधना से माता को प्रसन्न किया था। हालाँकि जब रावण अपने अहंकारवश बुरे कामों में संलिप्त हो गया तब माता उससे नाराज रहने लगीं। लेकिन माता, रावण से तब पूरी तरह रुष्ट हो गईं जब उसने माता सीता का अपहरण कर लिया।

उसी दौरान माता सीता की तलाश में जब हनुमान जी लंका पहुँचे तब माता खीर भवानी ने हनुमान जी से कहा कि वो उन्हें किसी दूसरी जगह ले चलें। माता के आदेश का पालन करते हुए हनुमान जी माता की प्रतिमा को लंका से ले आए और उन्हें जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से 14 किमी दूर तुलमुल गाँव में स्थापित कर दिया।

गांदरबल जिले में स्थित इस खीर भवानी माता मंदिर में माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है। स्थानीय निवासी माता को राग्या देवी के नाम से भी जानते हैं। माता को खीर का प्रसाद चढ़ाया जाता है। कहा जाता है कि उन्हें खीर अत्यधिक प्रिय है। इसी कारण मंदिर में माँ दुर्गा को खीर भवानी के नाम से जाना जाता है। माता को खीर अर्पित करने के बाद उसे श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।

मंदिर में स्थापित खीर भवानी माता (फोटो साभार : पत्रिका)

इस खीर भवानी मंदिर में हर साल एक पारंपरिक मेला लगता है। जम्मू-कश्मीर समेत सभी हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए यह मेला अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे खीर भवानी मेला कहा जाता है। इस दौरान मंदिर में तरह-तरह के अनुष्ठान कराए जाते हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालु माँ दुर्गा के मंत्रोच्चार के बीच माता खीर भवानी के दर्शन करते हैं। हालाँकि पिछली वर्ष की भाँति इस वर्ष भी मंदिर में मेले का आयोजन नहीं हो सका। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस बार भी मंदिर में कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही श्रद्धालु दर्शन कर सके।

मंदिर का रहस्यमयी कुंड जो देता है विपत्ति की जानकारी

खीर भवानी माता का मंदिर अपने रहस्यमयी कुंड के लिए भी प्रसिद्ध है। ऐसा कहा जाता है कि जब भी जम्मू-कश्मीर पर कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तब कुंड का जल अपना रंग बदल देता है। किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कुंड का जल काला हो जाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि जम्मू-कश्मीर में कोई विपत्ति आने वाली है। 2014 की बाढ़ और कारगिल युद्ध के दौरान कुंड के जल का रंग क्रमशः काला और लाल हो गया था। हालाँकि यह कुंड घाटी की उन्नति का संकेत भी देता है। कहा जाता है कि जब अनुच्छेद-370 हटाया गया था तब कुंड का जल हरे रंग का हो गया था। जल का यह हरा रंग कश्मीर की उन्नति और खुशहाली का प्रतीक माना गया।

कैसे पहुँचे?

खीर भवानी माता मंदिर के सबसे निकटतम स्थित हवाईअड्डा श्रीनगर का है। यहाँ से लेह, जम्मू, दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे शहरों के लिए फ्लाइट उपलब्ध रहती हैं। मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन भी श्रीनगर ही है। यह 119 किमी लंबे बारामूला-बनिहाल रेलवे लाइन पर स्थित है। इसके अलावा सड़क मार्ग से भी खीर भवानी माता मंदिर पहुँचना आसान है। मंदिर की श्रीनगर से दूरी लगभग 14 किमी ही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 1A और 1D श्रीनगर से जुड़े हुए हैं। यहाँ से आसानी से मंदिर तक पहुँचने के लिए कई साधन उपलब्ध हैं।  

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ओम द्विवेदी
ओम द्विवेदी
Writer. Part time poet and photographer.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिमों के लिए आरक्षण माँग रही हैं माधवी लता’: News24 ने चलाई खबर, BJP प्रत्याशी ने खोली पोल तो डिलीट कर माँगी माफ़ी

"अरब, सैयद और शिया मुस्लिमों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है। हम तो सभी मुस्लिमों के लिए रिजर्वेशन माँग रहे हैं।" - माधवी लता का बयान फर्जी, News24 ने डिलीट की फेक खबर।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe