सबरीमाला: बढ़ते तनावों में 52 साल के एक बुज़ुर्ग की दर्दनाक मौत, केरल मुख्यमंत्री का बेकार-सा बचाव

सबरीमाला मामला दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले 40 वर्ष से ऊपर की दो महिलाओं के मंदिर में घुस जाने की वजह से केरल में काफी हिंसा देखने को मिली। ऐसे हालातों में सबरीमाला कर्म समिति ने केरल बंद बुलाया, साथ में तमिलनाडु से केरल में प्रवेश करने वाली सभी सरकारी बसों को रोका जाने लगा। इन सबकी वजह से स्थिति बेहद बिगड़ने लगी।

विरोध प्रदर्शन के दौरान सबरीमला कर्म समिति और सीपीएम समर्थकों के बीच पंडालम में काफ़ी कहा-सुनी हुई। जिसमें 52 वर्षीय चंद्रन उन्नीथन नाम के शख़्स की चोट लगने से मौत हो गई, इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में भी लिया। लेकिन मामले में पारदर्शिता नहीं बन पाई क्योंकि अस्पताल कुछ और कहता रहा और मुख्यमंत्री जी कुछ अलग ही बयान देते रहे।

जानें पूरा मामला

चंद्रन उन्नीथन नाम के इस व्यक्ति को चोट लगने के बाद बुधवार देर रात अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गयी। शव परीक्षण के बाद चंद्रन की मौत का कारण डॉक्टर ने सिर पर चोट लगना और शरीर से ज्यादा खून बह जाना बताया है। ये शव परीक्षण गुरुवार (3 जनवरी 2019) की सुबह कोट्टायम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया गया।

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हैरान करने वाली बात ये है कि शव परीक्षण करने वाले डॉक्टरों का बयान मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से बिल्कुल अलग है। पिनरई विजयन के बताए अनुसार चंद्रन की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि मौत का कारण सिर पर गहरी चोट लग जाने के कारण हुई है।

विजयन ने गुरुवार की सुबह मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि पंडलाम में बुधवार को शाम 6:30 बजे के करीब काफी तनाव का माहौल था, जिसमें चन्द्रन उन्नीथन घायल हुए थे। मुख्यमंत्री जी की यदि मानें तो दिल का दौरा पड़ने की वज़ह से रात 11:00 बजे बिलिवर चर्च अस्पताल में चंदन की मौत हो गयी।

हालाँकि, कोट्टायम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और बिलिवर चर्च अस्पताल दोनों की रिपोर्ट्स की मानें तो चंद्रन की मौत की वज़ह केवल सर पर गहरी चोट लगने के बाद निकले खून की वजह से हुई है। ये बात और है कि कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के स्त्रोतों से मालूम पड़ा है कि यूँ तो चंद्रन दिल के रोगी थे, लेकिन ये एक ऐसी चोट थी जिसके लगने से खून बहा और मौत हुई।

बिलिवर चर्च अस्पताल द्वारा दिए गए विवरण में- चंद्रन के सीधे कान, नाक से और मुँह से लगातार खून बह रहा था। करीब 9:50 पर उन्हें दिल का दौरा भी आया। चिकित्सीय रूप से उनकी मौत रात 10:48 मिनट पर हुई।

आपको बता दें कि चंद्रन, सबरीमाला कर्म समिति के सदस्य थे। इस समिति का कार्य माहवारी होती महिलाओं को मंदिर में जाने से रोकना था। इस पूरे मामले में सीपीएम के दो कैडर्स को गिरफ्त में लिया गया है। चंद्रन के घरवालों के कहना है कि सीपीएम के ये कैडर ऑफिस में मौजूद थे।

इन्होंने किसी के बिन उकसाये ही रैली पर पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी थी। जबकि सीपीएम के कैडर्स ने समारा समिति के लोगों पर आरोप लगाया है कि रैली में मौजूद लोगों द्वारा पहले पथराव किया गया था। इसके साथ ही पुलिस ने मीडिया को बताया कि समारा समिति द्वारा किया गया प्रदर्शन बिना अनुमति के था। इसलिए परिस्थितियाँ इतनी ज्यादा बिगड़ीं।

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