Sunday, August 1, 2021
Homeविविध विषयमनोरंजन'₹10 करोड़ दें तो भी नहीं करूँगा फिरोज नाडियाडवाला की फिल्म': वेलकम के एक्टर...

‘₹10 करोड़ दें तो भी नहीं करूँगा फिरोज नाडियाडवाला की फिल्म’: वेलकम के एक्टर को अब तक नहीं मिला है पेमेंट

स्नेहल डाबी कई फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। हेराफेरी में 'रापचिक माल' वाले डायलॉग से वे दर्शकों की नजर में आए थे।

स्क्रीन पर फिल्में देखते हुए हम कई बार साइड एक्टर्स को भुला देते हैं, लेकिन हकीकत में उनकी मौजूदगी ही कहानी को आगे बढ़ाने में सहायक होती है। ऐसे ही एक साइड एक्टर स्नेहल डाबी भी हैं। उनकी एक्टिंग हमने कई फिल्मों में देखी है। लेकिन इसके बदले उन्हें कीमत क्या मिलती है या मिलती भी है या नहीं, ये कोई नहीं जानता। हाल में स्नेहल डाबी ने बताया है कि उन्हें करीब 14 साल बाद भी वेलकम फिल्म में काम करने मेहनताना फिरोज नाडियाडवाला ने नहीं दिया है।

बॉलीवुड हंगामा से बात करते हुए स्नेहल ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, “फिरोज नाडियाडवाला मुझे 10 करोड़ रुपए भी देंगे फिर भी उनकी फिल्म नहीं करूँगा। फिरोज भाई वादा करते हैं फिर घूम जाते हैं।” वेलकम में काम करने के बदले कोई रकम न मिलने की बात कहते हुए स्नेहल ने कहा, “मुझे आज तक पैसे नहीं मिले। फिरोज भाई कहते रहे कि देता हूँ पैसा। इसके बाद मेरा मोहभंग हो गया कि ये कैसी इंडस्ट्री है।”

स्नेहल ये भी बताते हैं कि उनके साथ ये पहली दफा नहीं हुआ। वह कहते हैं, “मैंने एक फिल्म में ऐक्टिंग की थी जिसका नाम शेर था और इसमें संजय दत्त और विवेक ओबेरॉय मुख्य भूमिका में थे। मैंने इस फिल्म को लिखा भी था। हमने फिल्म की शूटिंग 50 डिग्री के तापमान में की थी। 85 पर्सेंट फिल्म का काम पूरा भी हो गया था। अचानक प्रोडक्शन हाउस ने इस फिल्म को बंद कर दिया। पैसे ही नहीं आए उस फिल्म के। सोचिए मुझे कैसा लगा होगा। ऐसा ही वेलकम के साथ भी हुआ। हम लोग फिल्म की शूटिंग के लिए दुबई जाते रहते थे, मगर मुझे कभी इसके पैसे नहीं मिले।”

उल्लेखनीय है कि फिरोज नाडियाडवाला बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-पहचाने प्रोड्यूसर हैं। उनकी फिल्म वेलकम में स्नेहल डाबी ने काखिल का रोल अदा किया था। इसके अलावा उन्होंने दीवाने हुए पागल (2005) में कुट्टी अन्ना का रोल अदा किया था। इसके अलावा स्नेहल हेराफेरी में अपने ‘रापचिक माल’ डायलॉग और लव के लिए कुछ भी करेगा (2001) में फनी रोल करके भी फेमस हो चुके हैं। वह फिल्म इंडस्ट्री में 1997 से सक्रिय हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ममता बनर्जी महान महिला’ – CPI(M) के दिवंगत नेता की बेटी ने लिखा लेख, ‘शर्मिंदा’ पार्टी करेगी कार्रवाई

माकपा नेताओं ने कहा ​कि ममता बनर्जी पर अजंता बिस्वास का लेख छपने के बाद से वे लोग बेहद शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं।

‘मस्जिद के सामने जुलूस निकलेगा, बाजा भी बजेगा’: जानिए कैसे बाल गंगाधर तिलक ने मुस्लिम दंगाइयों को सिखाया था सबक

हिन्दू-मुस्लिम दंगे 19वीं शताब्दी के अंत तक महाराष्ट्र में एकदम आम हो गए थे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक इससे कैसे निपटे, आइए बताते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,404FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe