Homeविविध विषयमनोरंजनरणबीर संग आलिया ने फेरे भी नहीं किए पूरे! भाई राहुल ने कहा- पंडित...

रणबीर संग आलिया ने फेरे भी नहीं किए पूरे! भाई राहुल ने कहा- पंडित के सामने 4 ही लिए, रिपोर्ट में दावा- महेश भट्ट ने बेटी को वचन देने से रोका

रिपोर्ट में कहा गया है कि रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी में सात की जगह केवल 6 वचन ही लिए गए। सूत्रों ने इसकी वजह आलिया के पिता महेश भट्ट को बताया है। बताया गया है कि महेश भट्ट ने बेटी को आखिरी वचन लेने से रोक दिया।

बॉलीवुड (Bollywood) स्टार रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) की 14 अप्रैल 2022 को मुंबई में शादी हुई। इसके बाद से सेलिब्रिटिज और फैंस दोनों को शुभकामना दे रहे हैं। इस बीच मीडिया में शादी के फेरों को लेकर विरोधाभासी बातें आ रही है। आलिया के रिश्ते के भाई राहुल का कहना है कि पंडित के सामने चार ही फेरे लिए गए थे। वहीं एक अन्य रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि महेश भट्ट ने बेटी को सातवाँ वचन देने से रोक दिया।

दिलचस्प यह है कि दोनों ही रिपोर्ट दैनिक भास्कर ने ही प्रकाशित की है। एक रिपोर्ट में राहुल भट्ट के हवाले से कहा गया है कि शादी कराने वाले पंडित के सामने रणबीर और आलिया ने केवल चार फेरे लिए। राहुल के मुताबिक, वो एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसमें कई धर्म और संस्कृति के लोग हैं। इसलिए इसके बारे में उन्हें बहुत पता नहीं है। फेरे की यह सब बात उनके लिए बहुत ही इंट्रेस्टिग थी।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी में सात की जगह केवल 6 वचन ही लिए गए। सूत्रों ने इसकी वजह आलिया के पिता महेश भट्ट को बताया है। बताया गया है कि महेश भट्ट ने बेटी को आखिरी वचन लेने से रोक दिया। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी शादी में अपनी पत्नी से ये वचन नहीं लिए थे, तो अपनी बेटी को कैसे लेने दे सकते हैं। हिंदू परंपराओं के अनुसार शादी में 7 फेरे लिए जाते हैं। हर फेरा एक वचन होता है।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्टों का स्क्रीनशॉट

गौरतलब है कि शादी से पहले आई रिपोर्टों में कहा गया था कि यह जोड़ी हिंदू परंपराओं के अनुसार ही शादी करेगी। हालाँकि ‘कन्यादान’ को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। दरअसल पिछले सान एक विज्ञापन में आलिया ने कन्यादान को पिछड़ी सोच बताया था। आलिया भट्ट के पिता, महेश भट्ट की माँ शिरीन मोहम्मद अली मुस्लिम थीं, तो वहीं पिता नानाभाई भट्ट गुजराती ब्राह्मण थे। इस तरह से महेश भट्ट मुस्लिम और गुजराती ब्राह्मण दोनों ही हैं। ऐसे में यह साफ नहीं है कि शादी में इस्लामिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाएगा या नहीं। इसी तरह, आलिया की माँ, सोनी राजदान कश्मीरी हिंदू होने के साथ-साथ ईसाई भी हैं। उनके पिता नरेंद्र नाथ राजदान कश्मीरी पंडित हैं तो वहीं उनकी माँ गर्ट्रूड होलज़र ब्रिटिश-जर्मन हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -