Wednesday, August 4, 2021
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जलियाँवाला बाग के लिए लड़ने लंदन तक गए थे नायर, करण जौहर जिंदगी पर बनाएँगे फिल्म

''The Untold Story Of C. Sankaran Nair फिल्म कोर्ट रूम की लड़ाई को उजागर करेगी, जिसमें शंकरन नायर जलियाँवाला बाग हत्याकांड की सच्चाई को बाहर लाने के लिए ब्रिटिश राज के खिलाफ लड़ते हैं।''

फिल्ममेकर करण जौहर ने अपने नए प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। ये फिल्म महान वकील सी. शंकरन नायर पर आधारित होगी। फिल्म का टाइटल ‘द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सी. शंकरन नायर’ है। इस बायोपिक को फ्लोर पर लाने के लिए धर्मा प्रोडक्शंस और स्टिल मीडिया कलेक्टिव ने हाथ मिलाया है।

करण ने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर कर इस फिल्म की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है, ”The Untold Story Of C. Sankaran Nair फिल्म कोर्ट रूम की लड़ाई को उजागर करेगी, जिसमें शंकरन नायर जलियाँवाला बाग हत्याकांड की सच्चाई को बाहर लाने के लिए ब्रिटिश राज के खिलाफ लड़ते हैं।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म रघु पलट (शंकरन नायर के परपोते) और उनकी पत्नी पुष्पा पलट द्वारा लिखी गई किताब ‘द केस दैट शुक द एम्पायर’ (The Case That Shook the Empire) पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन करण सिंह त्यागी करेंगे। वहीं, करण जौहर, अपूर्व मेहता और आनंद तिवारी इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही फिल्म की लीड कास्ट को लेकर घोषणा की जाएगी।

फिल्ममेकर ने ट्वीट किया, ”द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सी.शंकरन नायर’ (The Untold Story of C. Sankaran Nair) को बनाते हुए और ऐतिहासिक इंसान को पर्दे पर उतारते हुए बहुत एक्साइटेड हूँ। 

इसके अलावा करण जौहर के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें तो ‘शेरशाह’ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी लीड रोल में हैं। वहीं फिल्म ‘लाइगर’ को लेकर भी चर्चा है। इसमें साउथ एक्टर विजय देवरकोंडा मुख्य किरदार निभाएँगे और अनन्या पांडे उनके अपोजिट नजर आएँगी।

सी. शंकरन नायर कौन हैं?

वायसराय की काउंसिल में चेत्तूर शंकरन नायर एकमात्र भारतीय थे। हालाँकि, उन्होंने जलियाँवाला बाग हत्याकांड के तुरंत बाद अपना इस्तीफा दे दिया था। शंकरन नायर ने अपनी आत्मकथा में लिखा है, “लगभग हर दिन मुझे अमृतसर के जलियाँवाला बाग में नरसंहार और मार्शल लॉ प्रशासन के सबसे कठोर रवैये को लेकर व्यक्तिगत तौर पर व पत्रों के माध्यम से शिकायतें मिल रही थीं। उस समय, मैंने पाया कि लॉर्ड चेल्सफोर्ड (वायसराय) ने पंजाब में जो किया जा रहा था, उसके लिए मंजूरी दे दी थी। यह मेरे लिए बेहद चौंकाने वाला था।”

इस्तीफा देने के बाद शंकरन नायर अंग्रेजों द्वारा पंजाब में किए गए नरसंहार के खिलाफ लड़ाई लड़ने लंदन गए थे। सी. शंकरन नायर और उनकी अदालती लड़ाई का भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। पूरे भारत में स्वतंत्रता संग्राम को प्रज्ज्वलित करने के लिए उनके संघर्ष की सराहना की जाती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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