Homeविविध विषयमनोरंजनमैं रहूँ या ना रहूँ... पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी पर बनेगी फिल्म, Atal...

मैं रहूँ या ना रहूँ… पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी पर बनेगी फिल्म, Atal के बारे में जानिए सब कुछ

उल्लेख एनपी की किताब 'द अनटोल्ड वाजपेयी: पॉलिटिशियन एंड पैराडॉक्स' पर आधारित यह फिल्म अगले साल क्रिसमस पर रिलीज होगी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) पर फिल्म बनने जा रही है। मंगलवार (28 जून 2022) को इसका ऐलान किया गया। फिल्म का नाम ‘मैं रहूँ या न रहूँ ये देश रहना चाहिए- अटल’ है। फिल्म का मोशन पोस्टर भी रिलीज कर दिया गया है।

मोशन पोस्टर में अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण का एक अंश सुनाई दे रहा है। इसमें वे कहते हैं, “सत्ता का खेल तो चलेगा। सरकारें आएँगी, जाएँगी… पार्टियाँ बनेंगी, बिगड़ेंगी। मगर ये देश रहना चाहिए। इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए।” ट्रेंड एनालिस्ट तरण आदर्श ने इसे ट्विटर पर साझा किया है।

उल्लेख एनपी की किताब ‘द अनटोल्ड वाजपेयी: पॉलिटिशियन एंड पैराडॉक्स’ पर आधारित यह फिल्म अगले साल क्रिसमस पर रिलीज होगी। 25 दिसंबर 2023 को अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती भी है। फिल्म को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। ‘अटल’ को विनोद भानुशाली और संदीप सिंह प्रोड्यूस कर रहे हैं। हालाँकि, अभी तक फिल्म के स्टारकास्ट को लेकर कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है।

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। 1951 में भारतीय जनसंघ के गठन में उनकी अहम भूमिका रही। 1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। 16 मई 1996 को अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार प्रधानमंत्री बने। हालाँकि, उनकी सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई और 13 दिन ही चली। 1998 के मध्यावधि चुनावों भाजपा फिर सबसे बड़े दल और NDA सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरा। वाजपेयी ने दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन इस बार उन्हें 13 महीने बाद ही इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद हुए चुनावों में NDA पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई और 1999 में वे फिर से प्रधानमंत्री बने। 16 अगस्त 2018 को 93 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सपा कार्यकर्ताओं को राम मंदिर-पौधरोपण का मुद्दा देकर खुद विदेश घूमने निकले अखिलेश जी: क्या UP चुनाव के लिए यही है आपकी राजनीति?

एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सत्ता हथियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, दूसरी तरफ हर जरूरी मौकों पर विदेश यात्राएँ पर घूमने निकल पड़ते हैं।

पहले बनी मस्जिद, फिर बढ़ी मुस्लिम आबादी और उसके बाद बदल गया हिंदू बहुल इलाके का नाम: पाटन में ‘झापटपरा’ हो गया ‘इस्लामपुरा’, पढ़ें...

गुजरात के पाटन में हिंदू बहुल इलाके का नाम 'झापटपरा' से बदलकर अवैध तरीके से 'इस्लामपुरा' करने पर हिंदू नाराज हैं। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट
- विज्ञापन -