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वे मुझे घूरते रहे… फिर ब्रेस्ट व बट सर्जरी की दी सलाह: प्रियंका चोपड़ा ने ‘अनफिनिश्ड’ में किए कई बड़े खुलासे

“जब मैं एक प्रोड्यूसर/डायरेक्टर से मिली तो कुछ बातचीत के बाद उन्होंने मुझे खड़े होकर घूमने के लिए कहा मैंने ऐसा ही किया। वह काफी समय तक मुझे घूरते रहे और मुझे देखते ही रहे फिर उन्होंने कहा कि मुझे ब्रेस्ट सर्जरी करवानी चाहिए। साथ ही अपने जबड़े और बट्ट का आकार भी..."

सामाजिक मुद्दों पर अपने दो तरह के रवैये के कारण विवादों में रहने वाली बॉलीवुड-हॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने 20 साल के फिल्मी करियर में कई उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। सन् 2000 में विश्व सुंदरी का ख़िताब पाने के बाद वह आगे बढ़ती रहीं और अब एक ऐसा समय आया कि उन्होंने अपनी पूरी जर्नी को किताब का रूप दिया है। इस किताब का नाम ‘अनफिनिश्ड’ है जो आज रिलीज होने वाली है।

द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट में इस किताब के हवाले से प्रियंका से जुड़े एक वाकए का जिक्र किया गया है। जहाँ उन्होंने बताया है कि कैसे एक फिल्ममेकर ने शुरूआती दौर में उन्हें प्लास्टिक सर्जरी करवाने की सलाह दी थी। 

रिपोर्ट के अनुसार, किताब में प्रियंका ने लिखा,

“जब मैं एक प्रोड्यूसर/डायरेक्टर से मिली तो कुछ बातचीत के बाद उन्होंने मुझे खड़े होकर घूमने के लिए कहा मैंने ऐसा ही किया। वह काफी समय तक मुझे घूरते रहे और मुझे देखते ही रहे फिर उन्होंने कहा कि मुझे ब्रेस्ट सर्जरी करवानी चाहिए। साथ ही अपने जबड़े और बट्ट का आकार भी ठीक करवाना चाहिए। अगर मैं अभिनेत्री बनना चाहती हूँ तो मुझे ये सब ठीक करवाना चाहिए। उन्होंने मुझसे कहा कि वो लॉस एंजिलिस में एक डॉक्टर को जानते हैं जिनके पास वो मुझे भेज देंगे। इस घटना के बाद मैं खुद को कमतर आँकने लगी थी।”

किताब में प्रियंका के इस वर्जन पर जब द एशियन स्टाइल मैग्जीन ने सवाल किया तो उन्होंने इसके जवाब में कहा, “मैंने किसी चीज़ की किसी को सफाई देने के लिए किताब नहीं लिखी है। मैं अपने जीवन में ऐसी जगह थी जहाँ मैं बैठी और मैंने मील के पत्थर दर्ज किए। ये सब सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि मैंने चीजों को दिल में दबा कर रखा और मैं उनसे प्रभावित नहीं हुई।”

वह कहती हैं, “मैं एंटरटेनमेंट बिजनेस की एक महिला हूँ जो कि एक पित्रसत्तात्मक जगह है, मुझे यहाँ बहुत टफ होना पड़ा, जब मनोरंजन करने वाले अपनी कमियाँ दिखाते हैं तो लोगों को उन्हें नींचा दिखाने में मज़ा आता है। मैंने अपना काम किया और उन बातों के बारे में बात नहीं की जिनसे मैं उबर चुकी हूँ।”

प्रियंका कहती हैं, “मैं बहुत बड़ी हो चुकी हूँ और आत्मविश्वासी हूँ। इसलिए अतीत की बातों पर चर्चा करना आसान हो जाता है। यह किताब किसी प्रकार की सफाई पेश नहीं कर रही। यह मेरी आखों से मेरे जीवन की कहानी है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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