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‘व्हॉट्सएप चैट में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं’ : आर्यन को मिली बॉम्बे HC से जमानत, जानें कोर्ट के आदेश में क्या-क्या

14 पन्नों के आदेश में लिखा गया है, "अदालत इस बात के प्रति संवेदनशील है कि सबूत के रूप में बुनियादी सामग्री होनी चाहिए, जिससे आवेदकों के खिलाफ साजिश के मामले को साबित किया जा सके।"

मुंबई के क्रूज ड्रग केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन को 28 अक्टूबर को बेल मिलने के बाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट का इस मामले पर विस्तृत आदेश मीडिया में आया है। इसमें अदालत ने कहा हुआ है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो ये दिखाए कि आरोपितों ने अपराध करने के लिए कोई प्लान बनाया था।

हाईकोर्ट ने कहा कि आर्यन खान की व्हॉट्सएप चैट में कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला जो साजिश की ओर इशारा करे। बेल ऑर्डर के साथ अपना आदेश देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, “कोर्ट के सामने ये साबित करने के लिए कोई ऑन-रिकॉर्ड पॉजिटिव सबूत पेश नहीं किए गए हैं कि सभी आरोपित व्यक्ति सामान्य इरादे से गैरकानूनी कार्य करने के लिए सहमत हुए।”

14 पन्नों के आदेश में लिखा गया है, “अदालत इस बात के प्रति संवेदनशील है कि सबूत के रूप में बुनियादी सामग्री होनी चाहिए, जिससे आवेदकों के खिलाफ साजिश के मामले को साबित किया जा सके।” कोर्ट के मुताबिक, “केवल इसलिए कि आर्यन, उनके दोस्त अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धमेचा एक ही क्रूज पर थे, ये अपने आप में साजिश के आरोप का आधार नहीं हो सकता है।”

बता दें कि ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान शुक्रवार को ही एनसीबी दफ्तर में हाजिरी लगाने गए थे। पिछले महीने उन्हें बेल देते हुए कोर्ट ने ये शर्त रखी थी कि उन्हें हर शुक्रवार को एनसीबी कार्यालय में पेश होकर अपनी उपस्थिति के बारे में जानकारी देनी होगी। आर्यन की बेल याचिका कुछ शर्तों पर मंजूर हुई थी। 29 अक्टूबर को उन्हें जेल से रिहाई मिली थी। उन्हें 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी गई थी। साथ ही शर्त ये भी रखी गई थी कि आरोपित बिन पुलिस को बताए शहर से बाहर भी नहीं जा सकता।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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