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बिजली चोरी का आरोपी 30 दिन में लगाएगा 50 पौधे, हाई कोर्ट ने सुनाई अनोखी सजा

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जो भी पौधे लगाए उनकी उम्र कम से कम 3 साल होनी चाहिए और सभी पौधे अलग-अलग प्रजाति के होने चाहिए।

बिजली चोरी के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को एक महीने में 50 पौधे लगाने का आदेश दिया है। केंद्रीय रिज रिजर्व वन, बुद्ध जयंती पार्क, वंदेमातरम मार्ग पर ये पौधे लगाए जाएँगे। साथ ही इसकी रिपोर्ट वन्य उपसंरक्षक (पश्चिम) के पास पेश करनी होगी।

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जो भी पौधे लगाए उनकी उम्र कम से कम 3 साल होनी चाहिए और सभी पौधे अलग-अलग प्रजाति के होने चाहिए। आरोपी को जामुन, बरगद, आम, महुआ, गूलर, पिलखन और सागौन वगैरह के 50 पौधे लगाने होंगे। वन विभाग को इन पौधों की 6 महीने तक देखभाल करनी होगी।

कोर्ट ने आरोपी और वन विभाग दोनो को आदेश दिया है कि पौधे लगने का काम समाप्त होने के बाद वो शपथ-पत्र दाखिल करें। 6 महीने तक पौधों की देखभाल के बाद उनकी तस्वीर भी वन विभाग को पेश करने को कहा गया है। आदेश का पालन नहीं होने पर आरोपी को दोबारा मुकदमा चलाए जाने की चेतावनी दी है।

सार्वजनिक पोल से बिजली चोरी के आरोपी ने मुकदमा बंद करने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी। उसका कहना था कि उसने दुकान किराए पर दी थी और किराएदार ने बिना उसकी जानकारी के बिजली चोरी की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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