Monday, September 26, 2022
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₹1566 करोड़ का खर्च हर साल: मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त सफर करवाने के लिए केजरीवाल कितने तैयार?

DMRC ने इस योजना को लागू करने के लिए किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) से मंजूरी लेना अनिवार्य बताया है। हालाँकि, केजरीवाल के अनुसार इसकी कोई जरूरत नहीं है, लेकिन...

दिल्ली मेट्रो में महिलाओं को मुफ्त सफर कराए जाने को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने प्रस्ताव बनाकर दिल्ली में सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (जून 12, 2019) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। डीएमआरसी ने सरकार के सामने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए दो प्रस्ताव रखे हैं। मेट्रो ने पहले प्रस्ताव में योजना को लंबे समय के लिए लागू करने के लिए तकरीबन 12 महीने से अधिक समय लगने की बात कही है, क्योंकि इस व्यवस्था को कार्यांवित करने के लिए सॉफ्टवेयर बदलना पड़ेगा। वहीं, दूसरे प्रस्ताव में अस्थायी रूप से लागू करने के लिए गुलाबी टोकन व्यवस्था के जरिए 8 महीने का समय माँगा है।

प्रस्ताव की जानकारी देते हुए दिल्ली सचिवालय में केजरीवाल ने कहा कि डीएमआरसी का दूसरा प्रस्ताव ज्यादा ठीक है। इससे महिलाओं के लिए न केवल टोकन काउंटर और वेडिंग मशीन अलग लगी होगी, बल्कि एंट्री गेट भी अलग होंगे। हालाँकि महिलाएँ निकासी किसी भी गेट से कर सकती हैं। महिलाओं को यह टोकन मुफ्त में दिए जाएँगे। इसके लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव करने की भी जरूरत नहीं होगी। इन 8 महीने के भीतर दिल्ली मेट्रो पिंक टोकन छापने के साथ ही 170 मेट्रो स्टेशनों पर टोकन खिड़की खोलेगी, जो कहीं-कहीं बंद हो चुकी हैं।

डीएमआरसी ने बताया कि इस पूरी योजना पर सालाना ₹1566 करोड़ का खर्च आएगा। साथ ही मेट्रो ने योजना के लागू होने के बाद मुसाफिरों की संख्या में 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है। डीएमआरसी ने इस योजना को लागू करने के लिए किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) से मंजूरी लेना अनिवार्य बताया है। हालाँकि, केजरीवाल का मानना है कि वैसे तो इसकी कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वो इसकी मंज़ूरी लेकर आएँगे। दिल्ली सरकार इसे जल्द से जल्द लागू करना चाहती है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 8 महीने के समय को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो ने इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए आठ महीने का वक्त माँगा है। लेकिन, सरकार की कोशिश होगी कि अस्थायी तौर पर इसे दो-तीन महीने में लागू कर दिया जाए।

इधर, डीटीसी ने भी महिलाओं को मुफ्त सफर कराने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए फिलहाल टिकट जारी करने वाली इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) के सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का प्रस्ताव है। उसमें महिलाओं के लिए टिकट का एक अलग से विकल्प जोड़ा जाएगा। उसके लिए महिलाओं को कोई शुल्क नहीं देना होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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