Homeविविध विषयअन्यभारत से मैच में बुरी तरह हारेगी पाक क्रिकेट टीम, नहीं झेल पाएगी दबाव:...

भारत से मैच में बुरी तरह हारेगी पाक क्रिकेट टीम, नहीं झेल पाएगी दबाव: बोला पाकिस्तानी दिग्गज – ‘सबसे पहले बाबर आजम को टीम से निकालो’

बासित अली ने अमेरिकी क्रिकेट टीम से हार के बाद कप्तान बाबर आजम पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब उन्होंने कहा है कि पाकिस्तानी टीम भारत से हार जाएगी।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने कहा है कि टी-20 विश्वकप के मैच में पाकिस्तानी टीम भारतीय क्रिकेट टीम से बुरी तरह हार जाएगी। पाकिस्तान के पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी बासित अली ने ARY न्यूज के कार्यक्रम में ये बात कही, उस समय उनके साथ पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल भी मौजूद थे। बासित अली ने कहा कि पाकिस्तानी टीम रविवार (09 जून 2024) को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ बुरी तरह से हार जाएगी।

बासित अली ने कहा कि भारत-पाकिस्तान का मुकाबला दुनिया के किसी भी हिस्से में हो, उस पर सबकी नजर रहती है। अब जब अमेरिका में मैच हो रहा, तो मैच के दौरान स्टेडियम वाले इलाके को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है। कोई जहाज भी नहीं गुजर सकता। वहीं, पाकिस्तानी टीम के बारे में बोलने हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तानी टीम ये मैच हार रही है, क्योंकि वो बेहद दबाव में है। हरेक खिलाड़ी ‘भारत से जीतना है’ के चक्कर में प्रेशर में रहेगा, और ये एक सच्चाई है।

इससे पहले, बासित अली ने अमेरिकी क्रिकेट टीम से हार के बाद कप्तान बाबर आजम पर गंभीर आरोप लगाए थे। बासित अली ने बाबर आजम पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मौका देने और पक्षपात के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विश्वकप से ठीक पहले शाहीन अफरीदी को हटाना गलत निर्णय रहा। उन्होंने माँग की कि बाबर आजम को पहले टीम से हटाओ, फिर टीम को बदलो। बता दें कि अमेरिकी टीम ने पाकिस्तानी टीम को सुपर ओवर तक खिंचे मैच में 5 रनों से हरा कर क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया था। उस मैच में बाबर आजम ने 40 से ज्यादा रनों की पारी खेली थी, लेकिन उनकी धीमी पारी की वजह से पाकिस्तान को हार का मुँह देखना पड़ा था।

बता दें कि बासित अली ने पाकिस्तान के लिए 19 टेस्ट और 50 वनडे मैच खेले हैं। दोनों ही संस्करणों में उनके नाम 1-1 शतक दर्ज हैं। अपने समय में बासित अली ऑफ साइड के बहुत अच्छे खिलाड़ी माने जाते थे। मगर महज 26 साल की उम्र में जब वो टीम से बाहर हुए, तो कभी वापसी नहीं कर पाए। बासित अली अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने भारत को लेकर भी कोई टिप्पणी की थी, जिसके बाद फैन्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -