Saturday, May 18, 2024
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ट्रेनों की भीड़ देखी, कोच घटाने का प्रलाप सुना, पर क्या आपने दिवाली-छठ पर भारतीय रेलवे की मेहनत देखी: प्रोपेगेंडा से अलग है सच्चाई

22 कोच के ट्रेनों में पहले की तरह ही 6-7 स्लीपर और 4 जनरल कोच लगे हुए हैं। इनकी संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ऐसे ट्रेनों में 3AC कोच की संख्या 6 है, न कि 10 जैसा सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है। इसके अलावा पहले की तरह ही दो 2AC के और 1 1AC के कोच लगे हैं।

बिहार जैसे प्रदेशों से रोजगार की तलाश में देश के अलग-अलग हिस्सों में पलायन टुकड़ों में होता है। पर इस पलायित आबादी का एक बड़ा हिस्सा दिवाली और छठ पर एक साथ अपने घरों के लिए रवाना होता है। इसके कारण रेलवे स्टेशन हो या ट्रेन हर जगह भीड़ देखने को मिलती है।

हर साल इस त्योहारी सीजन में ट्रेनों में भीड़ की तस्वीरें, वीडियो वायरल होती है। इसका इस्तेमाल कुछ लोगों अपने एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए करते हैं। प्रोपेगेंडा फैलाते हैं ताकि भारतीय रेलवे को बदनाम किया जा सके।

इसी कड़ी में इस बार यह अफवाह फैलाई गई कि मुनाफा कमाने के लिए इस बार ट्रेनों में जनरल और स्लीपर डिब्बों की संख्या कम कर दी गई है। ट्रेनों में दिखी भीड़ की एक बड़ी वजह इसे बताई गई। लेकिन हकीकत से इसका कोई वास्ता नहीं है। न तो ट्रेनों में पहले के मुकाबले जनरल और स्लीपर डिब्बों में कमी की गई और न ही पिछले सालों के मुकाबले इस बार विशेष व्यवस्थाएँ करने में कोई कोताही बरती गई है। उलटे इस मोर्चे पर लगातार भारतीय रेलवे आगे ही बढ़ रही है।

क्या ट्रेनों में कम कर दिए जनरल और स्लीपर डिब्बे?

भारतीय रेलवे ने बताया है कि ट्रेनों की संरचना में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सभी ट्रेनों में पहले की तरह ही कोच लगे हैं। अलबत्ता अकेले पश्चिमी रेलवे ने 139 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई, जिसकी 1800 से अधिक ट्रिप भी हो चुकी हैं।

पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सुमित ठाकुर का अनुसार रेलवे ने न तो कोच घटाए हैं और न ही ट्रेनों में किसी तरह का बदलाव किया है। उन्होंने बताया है कि अकेले मुंबई से ही ट्रेनों में 8 लाख से ज्यादा अतिरिक्त बर्थ लगाए गए हैं। स्टेशनों पर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुंबई डिवीजन के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर 800 से अधिक जीआरपी जवानों की तैनाती की गई। खुद डीआरएम समेत वरिष्ठ अधिकारी स्टेशनों पर भीड़ को मैनेज कर रहे हैं।

सुमित ठाकुर ने बताया कि भीड़ को मैनेज करने के लिए भीड़भाड़ वाले स्टेशनों जैसे सूरत इत्यादि में स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया भी क्रिएट किया गया है। टेंट वगैरह भी लगाए गए हैं। प्लेटफॉर्म टिकट की सेल को भी रोका गया है, ताकि अधिकृत यात्री ही स्टेशन के भीतर प्रवेश कर सकें। उन्होंने बताया कि त्योहार की वजह से टिकट सेल भी रेगुलेट की गई है। जितनी सीटें हैं, उतनी ही टिकट दी जा रही है।

दावा किया जा रहा था कि ज्यादा कमाई के लिए भारतीय रेलवे ने त्योहार को ध्यान में रखकर चलाई गईं स्पेशल ट्रेनों में जनरल और स्लीपर डिब्बे कम कर दिए गए हैं। इसके अनुसार 22 कोच के ट्रेन में जनरल डिब्बे 4 से घटाकर दो और स्लीपर डिब्बे 7 से घटाकर दो कर दिए गए हैं। इसके कारण उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है।

इंडिया टुडे ने भी अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। मीडिया संस्थान ने पाया है कि 22 कोच के ट्रेनों में पहले की तरह ही 6-7 स्लीपर और 4 जनरल कोच लगे हुए हैं। इनकी संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ऐसे ट्रेनों में 3AC कोच की संख्या 6 है, न कि 10 जैसा सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है। इसके अलावा पहले की तरह ही दो 2AC के और 1 1AC के कोच लगे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिसंबर 2023 तक 6754 ट्रेनों का परिचालन तय है। यह पिछले साले 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच चलाए गए स्पेशल ट्रेनों के ट्रिप के मुकाबले ढाई गुणा अधिक है। बीते साल इस समय अंतराल में स्पेशल ट्रेनों कर 2614 ट्रिप हुई थी। इस साल अब तक दिवाली और छठ को लेकर भारतीय रेलवे 2423 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कर चुका है।

गौर करने वाली बात यह है कि इस साल त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद करीब 36 लाख लोग ट्रेन से सफर कर चुके हैं। पिछले साल के त्योहारी सीजन के मुकाबले यह करीब करीब दोगुना है।

आँकड़े यह भी बताते हैं कि अप्रैल से अक्टूबर 2023 तक 95.3 प्रतिशत यात्रियों ने सामान्य और स्लीपर कोच में यात्रा की, जबकि केवल 4.7 प्रतिशत ने एसी कोच में यात्रा की है। इस साल 372 करोड़ यात्रियों ने स्लीपर, नॉन-एसी और जनरल कोचों में यात्रा की, जो पिछले साल से 38 करोड़ अधिक है। इन 372 करोड़ यात्रियों में से 18.2 करोड़ ने एसी कोच में यात्रा की, जो पिछले साल की तुलना में 3.1 करोड़ अधिक है। यात्रियों की कुल संख्या बढ़कर 41.1 करोड़ हो गई। गैर-एसी यात्रियों (सामान्य और स्लीपर क्लास) में 92.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।

रेलवे ने भीड़भाड़ से निपटने के लिए उठाए कई कदम

अब आप आसानी से समझ सकते हैं ट्रेनों में इतनी भीड़ क्यों देखने को मिल रही है। भारतीय रेलवे के इंतजाम बढ़ाने के बावजूद यात्रियों की संख्या का करीब दोगुना हो जाना इसका कारण है। भारतीय रेलवे ने भी कहा है कि वह इस समस्या से अवगत है और इसे दूर करने के लिए कदम उठा रहा है। रेलवे ने त्योहारी सीजन के दौरान चलाई जा रही विशेष ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की है। यह मौजूदा ट्रेनों की क्षमता में सुधार करने के लिए भी काम कर रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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