Homeविविध विषयअन्यभगवान भी इनफ़ोसिस के आँकड़े नहीं बदल सकता: चेयरमैन नंदन नीलकेणी

भगवान भी इनफ़ोसिस के आँकड़े नहीं बदल सकता: चेयरमैन नंदन नीलकेणी

"यह अटकलें दुःखद हैं, और इनका निशाना सबसे सफल और सम्मानित लोगों में से कुछ की छवि को खराब करना था। हमारे सभी सह संस्थापकों के ज़िंदगी भर के कंट्रीब्यूशन के लिए मेरे मन में गहरा सम्मान है। मैंने यह संस्थान बनाया है और इस कम्पनी को निस्वार्थ रूप से सेवा की है और आज भी...."

भारत की अबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार इनफ़ोसिस ने आज (बुधवार, 6 नवंबर, 2019 को) “शरारती आरोपों” की कड़ी निंदा की है। कम्पनी के सह-संस्थापकों और पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ अनाम स्रोतों से यह आरोप लगाए गए थे। स्टॉक एक्सचेंजों बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, सेंसेक्स) और निफ्टी (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, एनएसई) को दिए गए बयानों में कम्पनी ने कहा है, “इनफ़ोसिस हालिया विसलब्लोअर की शिकायतों में सह संस्थापकों और पूर्व सहकर्मियों के खिलाफ लगे शरारती आरोपों की कड़ी निंदा करता है।”

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इनफ़ोसिस के चेयरमैन नंदन नीलकेणी ने कहा, “यह अटकलें दुःखद हैं, और इनका निशाना सबसे सफल और सम्मानित लोगों में से कुछ की छवि को खराब करना था। हमारे सभी सह संस्थापकों के ज़िंदगी भर के कंट्रीब्यूशन के लिए मेरे मन में गहरा सम्मान है। मैंने यह संस्थान बनाया है और इस कम्पनी को निस्वार्थ रूप से सेवा की है और आज भी इनफ़ोसिस की दीर्घकालिक सफलता के लिए प्रतिबद्ध हूँ।”

कम्पनी के कथन में यह भी जिक्र है कि उसने एक बाहरी लॉ फर्म को भी हायर किया है। उसका काम विसलब्लोअर की शिकायतों की एक स्वतंत्र जाँच करने का होगा। वह लॉ फर्म “जाँच के नतीजों को एक उचित समय पर सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ साझा करेगी।”

बाद में नीलकेणी ने एनालिस्ट्स को अलग से भी सम्बोधित किया। एक कांफ्रेंस कॉल में एनालिस्ट्स को सम्बोधित करते हुए नीलकेणी ने कहा, “इनफ़ोसिस के पास सशक्त प्रक्रियाएँ हैं, और यहाँ तक कि खुद भगवान भी इस कम्पनी के नंबरों में बदलाव नहीं कर सकते। हमारी फाइनेंस टीम इन आरोपों से अपमानित महसूस कर रही है। लेकिन मैं जाँच प्रक्रिया को पक्षपाती (बायस) नहीं करना चाहता।”

इनफ़ोसिस ने परसों (सोमवार, 4 नवंबर, 2019 को) कहा था कि उसे अब तक गुप्त शिकायतों के पक्ष में कोई सबूत नहीं मिले हैं। विसलब्लोअर की शिकायतों में कहा गया था कि कंपनी का चोटी का मैनेजमेंट कथित अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल करता था। “विसलब्लोअर की शिकायतों के विषय में आज की तारीख तक ऐसा कोई प्राथमिक सबूत (प्राइमा फेसी एविडेंस) कम्पनी को प्राप्त नहीं हुआ है जिससे किसी भी आरोप की पुष्टि हो सके।” इनफ़ोसिस ने निफ्टी को बताया। सेंसेक्स में इनफ़ोसिस के शेयर बुधवार को दो प्रतिशत ऊपर चढ़े।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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