Homeविविध विषयअन्य'मैं इन्हें नहीं जानता': पाकिस्तान के मौलवी ने अपने ही मुल्क की क्रिकेट टीम...

‘मैं इन्हें नहीं जानता’: पाकिस्तान के मौलवी ने अपने ही मुल्क की क्रिकेट टीम से झाड़ा पल्ला, फैंस बोले – जो इनका मैच देखता है वो बन जाता है दिल का मरीज

मौलवी को एक पाकिस्तानी ने रिप्लाई करते हुए कहा कि अगर आप उन्हें नहीं जानते हैं तो अच्छा है, इसका मतलब है कि आप शांति से हैं।

भारत में ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 का आयोजन हो रहा है। इसमें पाकिस्तानी टीम की स्थिति एकदम खस्ता है। शुक्रवार (27 अक्टूबर, 2023) को पाकिस्तान का मैच दक्षिण अफ्रीका से था, लेकिन इस रोमांचक मुकाबले ने दक्षिण अफ्रीका ने जीत दर्ज की। इस तरह पाकिस्तान इस विश्व कप में 6 में से मात्र 2 मैच ही जीत सका है। नीदरलैंड और श्रीलंका से तो इसने शुरू में जीत दर्ज की थी, लेकिन इसके बाद भारत, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका ने इसे लगातार मात दी है।

अब पाकिस्तान के एक बड़े मौलवी ने भी अपनी ही टीम से पल्ला झाड़ लिया है। शेख असीम अलहकीम के ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर 4.30 लाख फॉलोवर्स हैं। इस्लाम से जुड़े सवालों पर वो रोज जवाब देता रहता है। ऐसे ही एक व्यक्ति ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की तस्वीर पोस्ट करते हुए पूछा कि क्या हम इनका सपोर्ट कर सकते हैं या नहीं? इस पर मौलवी ने लिखा, “मैं उन्हें नहीं जानता।” पाकिस्तानी मौलवी ने अपने ही मुल्क के क्रिकेटरों को पहचानने से पूरी तरह इनकार कर दिया।

न सिर्फ उक्त मौलवी, बल्कि पाकिस्तान की टीम के कई फैंस भी नाराज़ हैं और अवसाद में चल रहे हैं। मौलवी को एक पाकिस्तानी ने रिप्लाई करते हुए कहा कि अगर आप उन्हें नहीं जानते हैं तो अच्छा है, इसका मतलब है कि आप शांति से हैं। एक अन्य फैन ने इसके लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा किया कि मौलवी शेख असीम अलहकीम इन्हें नहीं जानते। उक्त यूजर ने लिखा कि जो भी पाकिस्तान टीम के मैच देखता है वो दिल का मरीज बन जाता है।

हालाँकि, पाकिस्तानी टीम अब भी सेमीफाइनल की रेस से बाहर नहीं हुई है। 1 विकेट से दक्षिण अफ्रीका से हार के बावजूद वो क्वालीफाई कर सकती है लेकिन इसके लिए उसे अपने सारे मैच जीत कर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की हार की दुआ भी करनी पड़ेगी। टीम फ़िलहाल ‘लगभग’ बाहर मानी जा रही है। इस कारण पाकिस्तान के ही पूर्व खिलाड़ी अपनी ही टीम की थू-थू कर रहे हैं। हालाँकि, शोएब अख्तर को अब भी उम्मीद है और उन्होंने पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाजों की तारीफ भी की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -