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सिमी आतंकी इलियास और एजाज गिरफ्तार, मुंबई लोकल ब्लास्ट में 12 साल से थी तलाश

दोनों भाई आतंकी सफदर नागौरी, आतंकी एहतेशान सिद्दीकी और अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ ​​तौकीर द्वारा संचालित मॉड्यूल का हिस्सा थे। सिद्दीकी को आतंकी गतिविधियों से संबंधित दो मामलों में दोषी ठहराया गया है, जबकि तौकीर को पिछले साल दिल्ली से गिरफ़्तार किया गया था।

मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और मध्य प्रदेश ATS ने शुक्रवार (13 दिसंबर) की रात प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े दो आतंकवादियों को गिरफ़्तार किया। 2006 में मुंबई के लोकल ट्रेन में हुए सीरियल ब्लास्ट में इनकी तलाश थी।

आतंकियों की पहचान एजाज अकरम शेख और इलियास अकरम शेख के रूप में हुई है। दोनों भाई हैं। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का प्रमुख अब्दुल सुभान कुरैशी इनका जीजा है। कुरैशी 2018 से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हिरासत में है। ख़ुफ़िया जानकारी मिलने के बाद दिल्ली स्पेशल सेल पुलिस और मुंबई ATS की टीम ने दिल्ली में ओखला के शाहीनबाग में छापा मारा। यहाँ से इलियास को गिरफ़्तार किया गया। वहीं, एजाज को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से गिरफ़्तार किया गया।

मुंबई ATS की टीम ऑपरेशन करने के लिए गुरुवार (12 दिसंबर) को दिल्ली पहुँची थी। इलियास को शनिवार को अदालत में पेश कर ATS तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले गई।

ख़बर के अनुसार, दोनों आतंकवादी भाई मुंबई के कुर्ला के रहने वाले हैं और मुंबई में सीरियल ट्रेन ब्लास्ट के बाद शहर छोड़कर भाग गए थे। ATS महाराष्ट्र और एंटी टेरर एजंसियों ने दोनों को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए थे।

दोनों भाई SIMI के महासचिव और आतंकी सफदर नागौरी, आतंकी एहतेशान सिद्दीकी और अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ ​​तौकीर द्वारा संचालित मॉड्यूल का हिस्सा थे, जिन्हें भारत के ओसामा बिन लादेन के नाम से भी जाना जाता है। सिद्दीकी को आतंकी गतिविधियों से संबंधित दो मामलों में दोषी ठहराया गया, जबकि तौकीर को पिछले साल दिल्ली से गिरफ़्तार किया गया था। वह 2007 और 2008 के बीच उत्तर प्रदेश, जयपुर, अहमदाबाद और दिल्ली में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के मामलों की सुनवाई का इंतज़ार कर रहा है।

झूठी पहचान का इस्तेमाल करने के संदेह में दोनों आतंकवादियों से 2006 और 2018 के बीच देश भर में हुए विभिन्न आतंकवादी बम विस्फोटों में उनकी संदिग्ध भागीदारी के बारे में पूछताछ की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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