आंध्र के गोशाला में 100 गायों की मौत: चारे में ज़हर मिला कर दिए जाने का संदेह, नायडू ने बताया बड़ी साजिश

शुक्रवार की रात 9 बजे पहली पहली मौत हुई, जब एक गाय अचानक से गिर पड़ी। इसके बाद गोशाला के केयरटेकर ने जब जाकर देखा तो पूरा गोशाला गायों की लाशों से पटा हुआ था।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्थित एक गोशाला में 100 के क़रीब गायों को जहर देकर मार डालने की ख़बर आई है। शुक्रवार (अगस्त 9, 2019) को विजयवाड़ा के बाहरी क्षेत्र में चलाए जा रहे प्राइवेट गोशाला में जहरीला चारा खाने से इन गायों की मौत हो गई। डॉक्टरों द्वारा की गई शुरुआती जाँच व पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद सामने आया कि गायों के चारे में जहर मिला कर उन्हें खिला दिया गया, इससे मृत गायों के फेंफड़ों और दिल में ख़ून के थक्के पाए गए।

इस घटना के बाद चारा के सैम्पल को हैदराबाद भेजा गया है ताकि फॉरेंसिक जाँच के बाद यह पता चल सके कि गायों को दिए जाने वाले खाने में किस तरह का जहर या जहरीला केमिकल मिलाया गया था? डॉक्टरों ने कहा कि जहरीला चारा खाने से गायों के पेट में टॉक्सिसिटी बढ़ गई, जिस कारण उनकी मौत हो गई। शुक्रवार की रात 9 बजे पहली पहली मौत हुई, जब एक गाय अचानक से गिर पड़ी। इसके बाद गोशाला के केयरटेकर ने जब जाकर देखा तो पूरा गोशाला गायों की लाशों से पटा हुआ था। वह एक भयावह दृश्य था।

शनिवार तक 80 गायों की मौत हो गई थी और और कई गायें अभी भी ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। विजयवाड़ा गोसंरक्षण संगम के पदाधिकारियों ने कहा कि जब वे मौके पर निरिक्षण के लिए पहुँचे, तब वहाँ कई गायें मृत पड़ी थीं और कई अन्य जोर-जोर से रंभाती हुई इधर-उधर भाग रही थीं। गोशाला के भीतर गायें डरी हुई थीं। 1927 में स्थापित यह संगम 1400 गायों की देखभाल करता है।

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संगठन के लोगों ने कहा कि यह विरोधियों का कार्य हो सकता है। गोशाला के संचालकों ने कहा कि चारा जहाँ से लाया गया, उस खेत में अत्यधिक कीटनाशक का प्रयोग के कारण चारा जहरीला हो गया होगा। एनिमल हसबैंड्री के अधिकारी ने कहा कि कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अत्यधिक हो जाने के कारन गायों की मौतें हुई होंगी। फॉरेंसिक जाँच के बाद ही इस बारे में कुछ अधिक कहा जा सकेगा। पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दोषियों को जल्द पकड़े जाने की माँग की है।

टीडीपी सुप्रीमो नायडू ने कहा कि गायों की मौत के पीछे एक बड़ी साजिश है, जिसकी जाँच होनी चाहिए। गोरक्षा दल और हिन्दू धार्मिक संगठन ने भी जाँच की माँग की है। मंत्री श्रीनिवास, विधायक विष्णु व डीएम इम्तियाज ने मौके पर पहुँच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। गोशाला में 1400-1500 गायें हैं और उनकी देखभाल के लिए 20 लोग रखे गए हैं। गोशाला में सीसीटीवी भी हैं लेकिन उनमें से अधिकार कार्य नहीं करते, ऐसा अधिकारियों ने बताया।

भाजपा नेता लंका दिनकर ने कहा कि यह राज्य की समृद्धि के लिए एक अपशकुन है। गोशाला संचालक संगठन द्वारा जहर वाली बात ख़ारिज किए जाने को उन्होंने जनता की भावनाओं पर हमला करार दिया। पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है। गोशाला में अधिकतर ऐसी गायें और बछड़े हैं, जिन्हें कई जगहों से मुक्त करा कर संरक्षण दिया गया है।

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