Sunday, October 17, 2021
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राजधानी एक्सप्रेस में मिले 14 रोहिंग्या (8 औरत+2 बच्चे), बांग्लादेश से भागकर भारत में घुसे थे; असम में भी 8 धराए

रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के अधिकारियों को कार्रवाई के दौरान 14 ऐसे यात्री मिले जिनके पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज़ नहीं थे। वे अन्य नाम से यात्रा कर रहे थे। इन सभी को ट्रेन से उतार कर न्यू जलपाईगुड़ी स्थित जीआरपी थाना लाया गया।

बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर से भागकर भारत में घुसे 14 रोहिंग्या लोगों को राजधानी एक्सप्रेस से पकड़ा गया है। इनमें 8 औरतें और दो बच्चे हैं। इसके अलावा असम से भी आठ रोहिंग्या पकड़े गए हैं।

बिहार के किशनगंज में राजधानी एक्सप्रेस में सफर कर रहे 14 रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया गया। ये सभी लोग बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार रिफ्यूजी कैम्प से भाग आकर भारत में घुसे थे। दूसरी घटना असम के हैलाकांडी जिले स्थित अलगापुर की है जहाँ 8 रोहिंग्याओं को अवैध रूप से भारत में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

बिहार के किशनगंज में हुई 14 रोहिंग्याओं की गिरफ्तारी के संबंध में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शुभानन चंदा ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर रेलवे सुरक्षा बल के अलीपुरदुआर सुरक्षा नियंत्रण कक्ष में सुरक्षा हेल्पलाइन 182 पर 02501 अगरतला-नई दिल्ली स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस के एक यात्री से सूचना मिली। उसने बताया कि कोच नंबर बी10 में कुछ यात्री संदिग्ध लग रहे हैं। इसके बाद अलीपुरदुआर के रेलवे सुरक्षा बल अधिकारी ने कटिहार मंडल अंतर्गत न्यूजलपाईगुड़ी में मौजूद सहकर्मियों को सूचित किया।

इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की। इस दौरान 14 ऐसे यात्री मिले जिनके पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज़ नहीं थे। वे अन्य नाम से यात्रा कर रहे थे। इन सभी को ट्रेन से उतार कर न्यू जलपाईगुड़ी स्थित जीआरपी थाना लाया गया। इन सभी पर जीआरपी/न्यू जलपाईगुड़ी द्वारा विदेशी (संशोधन) अधिनियम की धारा 14ए के तहत मामला दर्ज किया गया। 25 नवंबर को इन 14 रोहिंग्याओं को न्यायाधीश के समक्ष पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।             

सूत्रों से मिली जानकारी बाद पुलिस ने असम, हैलाकांडी स्थित अलगापुर के घर में छापा मारा जहाँ से 8 रोहिंग्याओं और उन्हें शरण देने के आरोपित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। हैलाकांडी के एसपी पीके नाथ ने मीडिया समूहों से बात करते हुए कहा, “यह समूह 2013 में जम्मू-कश्मीर गया। कुछ साल वहाँ रहने के बाद यह दिल्ली आया और फिर हैदराबाद चला गया। लॉकडाउन के दौरान इनका रोजगार छिन गया और यह काम की तलाश में असम के हैलाकांडी आए।” 

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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