Homeदेश-समाजहोटल की 3 मंजिला इमारत जमींदोज, सेना के जवान सहित 35 लोगों के फँसे...

होटल की 3 मंजिला इमारत जमींदोज, सेना के जवान सहित 35 लोगों के फँसे होने की आशंका

इस घटना के बारे में और जानकारी मिलते ही इस ख़बर को अपडेट किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के सोलन में एक बिल्डिंग के गिर जाने के बाद उसमें फँसे 35 लोगों के दब जाने की बात सामने आई है। कई ख़बरों में लोगों के मरने की भी सूचना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सोलन के कुमारहट्टी में एक तीन मंजिला होटल ढह गया, जिससे वहाँ खाना खा रहे सेना के 30 जवान भी उसमें फँस गए। अभी तक 18 लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है। हालाँकि, अभी तक इमारत के गिरने की वजह सामने नहीं आई है। बचाए गए लोगों में से 10 सेना के जवान हैं।

सेना के जवानों के अलावा कई होटलकर्मी और अन्य लोगों के भी अंदर फँसे होने की आशंका है। बचाव कार्य चल रहा है। वहाँ ज़ोर की बारिश भी हो रही थी। पंचकूला से एनडीआरएफ की टीम भी पहुँच रही है। इस घटना के बारे में और जानकारी मिलते ही इस ख़बर को अपडेट किया जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -