Homeदेश-समाजरमजानी, सूफ़ियान, शाहिद और रुख़सार ने चुराईं 100 कारें, गिरफ़्तार

रमजानी, सूफ़ियान, शाहिद और रुख़सार ने चुराईं 100 कारें, गिरफ़्तार

जब कार स्टार्ट नहीं होती थी तो ऐसी सूरत में शाहिद और उसके सहयोगी कार को रस्सी से खींचकर ले जाते थे और इस दौरान भी शाहिद अपनी बीवी को कार में बैठाए रहता था, जिससे किसी को भी उन पर शक़ न हो सके।

ग्रेटर नोएडा की थाना कासना पुलिस ने लगभग 100 कारों को चोरी करने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शाहिद, जो गिरोह का सरगना था और उसकी बीवी, रमजानी और सूफिय़ान को ग्रेटर नोएडा में गिरफ़्तार किया गया। इनके पास से चोरी की चार लग्ज़री कारों समेत 18 नंबर प्लेट, पैन कार्ड, चाबी, पेचकस, प्लायर्स आदि अन्य औजार भी बरामद किया गया है।

ख़बर के अनुसार, शाहिद और उसकी बीवी भड़बूजा वाली मस्जिद के पास सूरजपुर के रहने वाले हैं, लेकिन फ़िलहाल वो सेक्टर सिग्मा में रहते थे। शाहिद के बाक़ी दो सहयोगियों में से रमजानी सूरजपुर और सुफ़ियान जहाँगीरपुर का रहने वाला है। पुलिस की हिरासत में आने के बाद आरोपितों ने क़बूल कर लिया है कि वो शहर के अलग-अलग इलाक़ों से कार चोरी करते थे और फिर सिग्मा-4 स्थित एक खाली मकान में लाकर छिपा देते थे। इसके बाद उसको काटकर उसके पार्ट्स कबाड़ी को बेच देते थे।

सर्कल ऑफिसर श्वेताभ पांडे के अनुसार, शाहिद अपनी पत्नी के साथ वाहनों की तलाश में स्थानीय इलाक़ों में रेकी करता था। दंपति दो अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इन वाहनों को सिग्मा-4 सेक्टर में अपने आवास तक ले जाते थे, जहाँ वे चोरी किए गए वाहनों को नष्ट करने के बाद उसके पार्ट डीलर्स को बेच देते थे।

उन्होंने बताया, “यह गिरोह पहले तो कारों को नष्ट कर देता था और फिर बाद में उसके पार्ट को डीलर्स को बेच देता था। अब तक, इस गिरोह ने लगभग 100 वाहनों की चोरी करके ऐसा किया है।”

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी श्वेताभ पांडे ने बताया कि कारों की चोरी करने वाले गिरोह के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 379 (चोरी) के तहत बीटा-2 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।

इसके अलावा एच्छर चौकी प्रभारी पटनीश ने बताया कि शाहिद ने अपनी पहली बीवी को छोड़कर रुख़सार से निकाह किया था। चोरी के मामले में इससे पहले भी शाहिद कम से कम दो-तीन बार जेल जा चुका है। चौकी प्रभारी ने बताया कि शाहिद ने अपनी पत्नी को भी इस गिरोह में शामिल कर लिया था। शाहिद और उसके दो अन्य सहयोगी लोहे के एक औजार की सहायता से कार का लॉक तोड़ देते थे। अगर कार स्टार्ट हो जाती तो वो उसमें अपनी बीवी रुख़सार को बैठाकर वहाँ से भाग जाता था।

चौकी प्रभारी ने बताया कि जब कार स्टार्ट नहीं होती थी तो ऐसी सूरत में शाहिद और उसके सहयोगी कार को रस्सी से खींचकर ले जाते थे और इस दौरान भी शाहिद अपनी बीवी को कार में बैठाए रहता था, जिससे किसी को भी उन पर शक़ न हो सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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