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बिहार: मस्जिद में 75 वर्षीय बुजुर्ग का गला रेता शव मिला, लोगों का दावा- मानसिक हालत ठीक नहीं थी, खुदकुशी की

जब मजदूर इमादपुर मस्जिद में निर्माण कार्य करने आये तो वहाँ उन्हें मोतीउर रहमान का खून से लथपथ शव नज़र आया और मौक़ा-ए-वारदात से एक चाकू भी बरामद किया गया। इसके बाद मोतीउर रहमान को तुरंत बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बिहार के नालंदा में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग मोतीउर रहमान ने मस्जिद में गला रेत कर आत्महत्या कर ली। घटना बिहार थाना क्षेत्र के इमादपुर मोहल्ले स्थित मस्जिद की है। मोतीउर रहमान के परिजनों के मुताबिक़ वे पिछले कई दिनों से मस्जिद में ही रह रहे थे और उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी।

दरअसल रविवार (20 दिसंबर 2020) की सुबह जब कई मजदूर इमादपुर मस्जिद में जारी निर्माण कार्य करने गए तो वहाँ उन्हें मोतीउर रहमान का खून से लथपथ शव नज़र आया और मौक़ा-ए-वारदात से एक चाकू भी बरामद किया गया। इसके बाद मोतीउर रहमान को तुरंत बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बिहार थाना के सब इंस्पेक्टर खुर्शीद आलम सदर अस्पताल पहुँचे और उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ मृतक बुजुर्ग के दामाद मोहम्मद अनीस ने बताया, “सुबह के लगभग 5:30 बजे वह घर से निकले थे। सुबह की नमाज़ के बाद उनका शरीर मस्जिद के निर्माणधीन दूसरे तल पर पाया गया। वह कुछ समय पहले कोलकाता में काम कर रहे थे, हाल ही में बिहारशरीफ वापस आए थे।” अनीस के मुताबिक़ पिछले कुछ समय से वह काफी अवसाद में थे। वहीं बिहार शरीफ नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर गुलरेज़ अंसारी का कहना था कि मोतीउर रहमान की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। संभावित तौर पर इसके चलते उन्होंने आत्महत्या की है। 

थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने भी इस घटना के संबंध में बात करते हुए जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक का किसी से विवाद नहीं था, पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जाँच कर रही है। परिजनों के अनुसार मोतीउर का घर से संबंध सिर्फ खाने तक सीमित था, वह कुछ समय से अजीब बातें करने लगे थे। जिसकी वजह से लोग उन्हें बात-बात पर छेड़ने भी लगे थे, बदले में वह लोगों को धमकी देते थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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