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80 करोड़ लोगों को 1 साल तक मिलेगा मुफ्त अनाज, 1 रुपया भी नहीं देना होगा: मोदी सरकार का फैसला, खर्च होंगे ₹2 लाख करोड़

उधर, सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत दी जाने वाली मुफ्त राशन योजना का अब विस्तार नहीं करेगी। यह योजना 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। यह योजना NFSA के तहत दिए जाने वाले खाद्यान्न के अतिरिक्त है। इस योजना को कोरोना लॉकडाउन के दौरान शुरुआत की गई थी।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने देश की जनता के हित को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने देश के 80 करोड़ लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अगले साल दिसंबर तक मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके लिए केंद्र सरकार हर साल करीब 2 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी।

केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल (Union Food Minister Piyush Goyal) ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना के तहत जिन लोगों को अनाज दिया जाएगा, उन्हें एक रुपए भी भुगतान करने की जरूरत नहीं है। मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का पूरा भार केंद्र वहन करेगा। इसके लिए सालाना 2 लाख करोड़ रुपए की लागत आएगी।

बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत सरकार हर व्यक्ति को प्रतिमाह 5 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। यह खाद्यान्न 2-3 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। अब सरकार इसे बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराएगी। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत ऐसे परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज मिलता है।

उधर, सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत दी जाने वाली मुफ्त राशन योजना का अब विस्तार नहीं करेगी। यह योजना 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। यह योजना NFSA के तहत दिए जाने वाले खाद्यान्न के अतिरिक्त है। इस योजना को कोरोना लॉकडाउन के दौरान शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत जरूरतमंदों को हर महीने 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज (गेहूँ या चावल) दिया जाता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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