Homeदेश-समाज51 साल की हिरोइन को भेजते हैं प्राइवेट पार्ट की फोटो, बताया- रात में...

51 साल की हिरोइन को भेजते हैं प्राइवेट पार्ट की फोटो, बताया- रात में आते हैं गंदे मैसेज: काम नहीं मिलने पर बेच रहीं हैं साबुन

ऐश्वर्या भास्करन साउथ की टीवी एक्ट्रेस हैं। साथ में वो यूट्यूब वीडियोज भी बनाती हैं। उन्होंने कुछ समय पहले साबुन बेचने का काम शुरू किया जिसके बाद उनके नंबर पर गंदे मैसेज आने लगे। हाल में उन्हें किसी ने अपने प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजी थी।

साउथ की टीवी एक्ट्रेस रहीं 51 साल की ऐश्वर्या भास्करन ने खुलासा किया है कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उनके नंबर का गलत इस्तेमाल करके उन्हें भद्दे-भद्दे मैसेज भेज रहे हैं। हाल में तो उन्हें एक शख्स ने अपने प्राइवेट पार्ट की ही फोटो भेज दी।

ऐश्वर्या भास्करन मुख्य रूप से मलयाली, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम करती थीं। कुछ समय से काम न मिलने की वजह से उन्होंने साल 2022 में साबुन बेचना शुरू कर दिया। वह अपना यूट्यूब चैनल ‘मल्टी मॉमी’ भी चलाती हैं। वहाँ वह अपने सोप के कारोबार और कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हैं।

भास्करन ने अपनी एक वीडियो में बताया कि बीते कुछ दिनों में उन्हें यौन उत्पीड़न झेलना पड़ा है। उन्होंने अपने बिजनेस के लिए अपना नंबर सोशल मीडिया पर डाला था ताकि ग्राहक उनके ऑनलाइन साबुन खरीद सकें। हालाँकि नंबर साझा करने के बाद उन्हें गंदे मैसेज आने लगे।

वीडियो में ऐश्वर्या ने बताया, “एक आदमी ने तो मुझे अपने प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजी और कहा कि क्या वो साबुन पर्सनली आकर देख सकता है।” पूर्व एक्ट्रेस के मुताबिक उन्हें ऐसे मैसेज देखकर पैनिक अटैक आते हैं। वह बताती हैं कि अपनी बेटी से हिम्मत मिलने के बाद वह ऐसे मैसेजों के बारे में ऑनलाइन बता पा रही हैं। उन्होंने कहा कि वो मामले को अभी साइबर पुलिस तक लेकर नहीं गई हैं लेकिन अगर ये सब रुका नहीं तो वो शिकायत करेंगी।

उल्लेखनीय है कि ऐश्वर्या कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। इनमें प्रजा, बटरफ्लाइज, यजमान और हाउसफुल जैसी फिल्में शामिल हैं। ऐश्वर्या ने हिंदी सिनेमा में गर्दिश फिल्म के जरिए डेब्यू किया था। ये फिल्म 1993 में आई थी। आज ऐश्वर्या की उम्र 51 है। अपने करियर में उन्होंने कई बड़े फिल्मी सितारों के साथ काम किया लेकिन अब उन्हें काम मिलने में दिक्कत हो रही है और वह साबुन का बिजनेस करती हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -