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कमलेश तिवारी हत्याकांड: सभी एंगल से हो रही जाँच, कुछ ‘मीडिया गिरोह’ घुमा रहें हैं बात

एक ट्विटर यूज़र ने इस बीच दो साल पहले की TV9 गुजराती की खबर साझा की है, जिसमें कमलेश तिवारी को ही मारने आए ISIS जिहादियों के पकड़े जाने की बात है। दोनों आतंकियों उबैद मिर्ज़ा और कासिम से पूछताछ गुजरात ATS के अलावा केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी की थी।

कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने किसी भी एंगल, यानी हत्या की किसी भी वजह को असम्भव नहीं माना है। पुलिस सभी संभावनाओं पर तफ्तीश कर रही है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार राज शेखर झा ने ट्वीट कर पुलिस और इंटेलिजेंस के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।

फिर कैसे दे रहे ISIS को क्लीन चिट?

अगर राज शेखर झा के ट्वीट और उनकी जानकारी को सही मानें तो सवाल यह उठता है कि उस सूरत में उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) कैसे ISIS के हाथ और ईनाम के लालच में हत्या से इंकार कैसे कर रहे हैं। गौरतलब है कि टाइम्स नाउ ने उनके हवाले से यह दावा किया है कि पुलिस जिहादी संगठन ISIS (इस्लामिक स्टेट) और कमलेश तिवारी के सिर पर रखे गए ईनाम के एंगल पर जाँच नहीं कर रही है।

ज़्यादा संभावना इस बात की है कि पुलिस को मामले में किसी भी ‘एंगल’ के सबूत अब तक न मिले हों, जिसमें कोई आश्चर्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि हत्या को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं। ऐसे में सबूत न मिलने को बहुत सम्भव है कि मीडिया में क्लीन चिट मिलने के रूप में दिखाया जा रहा है। यही बात स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल-शर्मा ने भी कही।

दो साल पहले पकड़े गए थे कमलेश को मारने आए आतंकी

एक ट्विटर यूज़र ने इस बीच दो साल पहले की TV9 गुजराती की खबर साझा की है, जिसमें कमलेश तिवारी को ही मारने आए ISIS जिहादियों के पकड़े जाने की बात है। दोनों आतंकियों उबैद मिर्ज़ा और कासिम से पूछताछ गुजरात ATS के अलावा केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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