Sunday, May 26, 2024
Homeदेश-समाजतमिलनाडु: गणेश उत्सव झाँकी निकालने पर कट्टरपंथियों ने की अरुण कुमार की बेरहमी से...

तमिलनाडु: गणेश उत्सव झाँकी निकालने पर कट्टरपंथियों ने की अरुण कुमार की बेरहमी से हत्या

जुलूस बिना किसी हिंसा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निकाला जा रहा था। फिर भी कुछ कट्टरपंथियों ने जुलूस पर हमला कर दिया और अरुण कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी। कथित तौर पर कट्टरपंथियों ने रामनाथपुरम के कलार स्ट्रीट पर गणेश चतुर्थी का नेतृत्व करने की वजह से अरुण कुमार और किशोर पर जानलेवा हमला किया।

तमिलनाडु के रामनाथपुरम में गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाते वक़्त कट्टरपंथियों ने अरुण कुमार नाम के एक शख्स की बेरहमी से हत्या कर दी। यह हत्या दिन के उजाले में की गई। बता दें कि गणेश विसर्जन के दौरान निकाले गए जुलूस में अरुण कुमार भी शामिल थे। वो भक्ति में लीन होकर उस पल का आनंद ले रहे थे, मगर उन्हें कहाँ पता था कि कट्टरपंथी उनके साथ क्या करने वाले हैं। 

बताया जा रहा है कि जुलूस बिना किसी हिंसा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निकाला जा रहा था। फिर भी कुछ कट्टरपंथियों ने जुलूस पर हमला कर दिया और अरुण कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी। कथित तौर पर कट्टरपंथियों ने रामनाथपुरम के कलार स्ट्रीट पर गणेश चतुर्थी का नेतृत्व करने की वजह से अरुण कुमार और किशोर पर जानलेवा हमला किया। जिसमें अरुण कुमार की मृत्यु हो गई है और किशोर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

इस खौफनाक घटना से लोगों में काफी रोष है। सोशल मीडिया यूजर्स अरुण कुमार के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं। इसके साथ ही वो हमले को अंजाम देने वाले कट्टरपंथियों की गिरफ्तारी और मामले में जाँच की माँग भी कर रहे हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना की जानकारी देते हुए लिखा है, “तमिलनाडु के रामनाथपुरम में अरुण कुमार गणेश जुलूस का आनंद ले रहे थे, उन्हें पता नहीं था कि ‘शांतिपूर्ण’ लोगों के पास उनके लिए एक अलग योजना थी, जिन्होंने दिन के उजाले में उनकी हत्या कर दी। किसी भी मीडिया हाउस या किसी भी द्रविड़ राजनीतिक दल ने इसकी निंदा नहीं की। तमिलनाडु अब अगला केरल है।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने इसका जवाब देते हुए लिखा है, “पूरे भारत में वे एक ही तरह का काम कर रहे हैं। वे अच्छी तरह से जानते हैं कि हर राज्य में लालची राजनेता हैं, जो उन्हें सेक्युलरिज्म के नाम पर अपने समुदाय के वोट के लिए बचाएँगे। अगली बार जब वोट देने जाएँ तो कृपया सेक्युलरों की उपेक्षा करें। वे अधिक खतरनाक हैं।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सेलिब्रिटियों का ‘तलाक’ बिगाड़े न समाज के हालात… इन्फ्लुएंस होने से पहले भारतीयों को सोचने की क्यों है जरूरत

सेलिब्रिटियों के तलाकों पर होती चर्चा बताती है कि हमारे समाज पर ऐसी खबरों का असर हो रहा है और लोग इन फैसलों से इन्फ्लुएंस होकर अपनी जिंदगी भी उनसे जोड़ने लगे हैं।

35 साल बाद कश्मीर के अनंतनाग में टूटा वोटिंग का रिकॉर्ड: जानें कितने मतदाताओं ने आकर डाले वोट, 58 सीटों का भी ब्यौरा

छठे चरण में बंगाल में सबसे अधिक, जबकि जम्मू कश्मीर में सबसे कम मतदान का प्रतिशत रहा, लेकिन अनंतनाग में पिछले 35 साल का रिकॉर्ड टूटा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -