Wednesday, May 18, 2022
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पिंजरे में कैद बार गर्ल्स को बाहर से लगाया ताला, मो. नसीम के घर निकाह में रात भर हुआ अमानवीय डांस

इस तस्वीर में कुछ लोग अपने मनोरंजन के लिए पिंजड़े में बंद युवतियों को नचा रहे हैं। जी हाँ, यह वही बिहार है, जहाँ महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है।

मनुष्य इतना स्वार्थी हो गया है कि वह अपने फायदे के लिए किसी को भी नुकसान पहुँचाने से गुरेज नहीं करता। अगर हम ये कहें कि स्वार्थी व्यक्ति से बड़ा खतरनाक कोई नहीं हो सकता, तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी। दरअसल, बिहार के भोजपुर से एक अमानवीय तस्वीर सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है।

इस तस्वीर में कुछ लोग अपने मनोरंजन के लिए पिंजड़े में बंद युवतियों को नचा रहे हैं। जी हाँ, यह वही बिहार है, जहाँ महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है। दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक, भोजपुर के कोइलवर थाना क्षेत्र के कोइलवर चौक वार्ड नंबर 10 में मोहम्मद नसीम के घर भागलपुर से बारात आई थी। इस दौरान कोरोना के नियमों की धज्जियाँ तो उड़ाई ही गई। साथ ही जमकर अश्लीलता भी परोसी गई।

हद तो तब हो गई जब इन लोगों ने एक पिंजरे के जैसा स्टेज बनाकर उसके अंदर बार बालाओं को जानवरों की तरह ठूँस दिया और रात भर उनसे डांस करवाया। इस मामले को लेकर BDO बीबी पाठक ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए हमें इसकी जानकारी मिली है। थाने में बात करके इस पर जाँच शुरू की जाएगी। जाँच सही साबित होने पर इन पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, कोइलवर गाँव के ही संजय सोलंकी कहा कि बार बालाओं को एक पिंजरे में कैद करके डांस करवाना अमानवीय है। उन्होंने बताया कि इस पिंजरे में कलाकार युवतियों को डालकर एक बड़े ताले से लॉक कर दिया गया था, उसके अंदर वह डांस कर रही थीं। जगह इतनी कम थी कि वे चाहकर भी इसमें थकने के बाद नहीं बैठ सकती थीं।

अपना पेट भरने के लिए मजबूरी में करते हैं डांस

खैर, कोरोना संकटकाल में अपना पेट भरने के लिए स्थानीय डांसर को ये सब काम मजबूरी में करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अभी लॉकडाउन के दौरान कोई काम नहीं रह गया है। इस समय हम लोगों को खाने की भी दिक्कत हो गई है। पहले एक दिन के 1500 रुपए मिलते थे, लेकिन अभी अब सब काम बंद हो गया है।

कोरोना महामारी के दौरान देश भर में लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। कोई रोजगार के लिए, कोई भोजन के लिए तो कोई दवा के लिए जद्दोजहद कर रहा है। लेकिन ऐसे समय में भी कुछ लोग अपने मनोरंजन के लिए लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं, जो कि बेहद शर्मनाक है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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