Homeदेश-समाजदिल का दौरा पड़ने के बाद सौरभ गांगुली अस्पताल में भर्ती, लोगों ने की...

दिल का दौरा पड़ने के बाद सौरभ गांगुली अस्पताल में भर्ती, लोगों ने की जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

इस सप्ताह की शुरुआत में ही, गांगुली ने अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीति में शामिल होने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा था कि वह राज्यपाल के निमंत्रण पर उनसे मिलने भी गए थे।

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को सीने में दर्द की शिकायत के बाद शनिवार (जनवरी 02, 2021) को कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल भर्ती किया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान के करीबी लोगों ने कहा कि सौरभ गांगुली ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। उन्हें एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ सकती है। बताया जा रहा है कि सौरभ गांगुली खतरे से बाहर हैं।

बोरिया मजूमदार के मुताबिक, गांगुली को शनिवार (दिसंबर 02, 2021) सुबह कोलकाता के वुडलैंड्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने लिखा, “वह जिम में थे कि उन्हें चक्कर आए। इसके बाद कुछ टेस्ट के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित तमाम लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में ही, गांगुली ने अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीति में शामिल होने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा था कि वह राज्यपाल के निमंत्रण पर उनसे मिलने भी गए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -