Homeदेश-समाजबिहार के एक और बॉलीवुड अभिनेता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने कहा - सहयोग...

बिहार के एक और बॉलीवुड अभिनेता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने कहा – सहयोग नहीं कर रही मुंबई पुलिस

बिहार के नवोदित कलाकार अक्षत उत्कर्ष की मुंबई में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। मूल रूप से मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर निवासी अक्षत उत्कर्ष के परिजनों ने उनकी हत्या की आशंका जाहिर की है। मुंबई पुलिस से नाराज परिजनों ने...

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से देश अभी उबरा भी नहीं था कि मुंबई में बिहार के एक और अभिनेता अक्षत उत्कर्ष की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। बिहार के नवोदित कलाकार अक्षत उत्कर्ष की मुंबई में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। मूल रूप से मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर निवासी अक्षत उत्कर्ष के परिजनों ने उनकी हत्या की आशंका जाहिर की है। परिजन मुंबई पुलिस से भी आक्रोशित हैं।

‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, दिवंगत अभिनेता के मामा रंजीत सिंह ने बयान देते हुए बताया कि रविवार (सितम्बर 27, 2020) की रात 9 बजे अक्षत उत्कर्ष की अपने पिता से बातचीत हुई थी। लेकिन, उसके बाद देर रात उनकी मौत की खबर मिली। मामा ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस पीड़ित परिजनों का सहयोग नहीं कर रही है। अक्षत के पिता का नाम विजयंत चौधरी उर्फ़ राजू चौधरी है।

मौत के 2 दिनों बाद मंगलवार को उनका शव मुंबई से पटना एयरपोर्ट पहुँचा। परिवार वालों ने मुंबई पुलिस पर आरोप लगाया कि वो पीड़ित परिजनों की बातें नहीं सुन रहे हैं। इस मामले की प्राथमिकी तक दर्ज करने से मुंबई पुलिस ने इनकार कर दिया है। परिजनों ने इस मामले में न्याय की माँग करते हुए कहा है कि ये हत्या है और प्राथमिकी दर्ज कर के इसकी जाँच शुरू की जाए और दोषियों को पकड़ा जाए।

इससे पहले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी 14 जून को अपने ही फ्लैट में पंखे से लटके हुए मिले थे, जिसके बाद इसकी जाँच सीबीआई को सौंपी गई। इस मामले में भी मुंबई पुलिस ने काफी लचर रवैया अपनाया था। अब एनसीबी और ईडी भी इससे जुड़े मामलों की जाँच कर रही है, जो ड्रग्स और हवाला नेटवर्क के खुलासे तक जा पहुँचा है। एम्स के डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद इस मामले में कुछ ठोस निकल कर आने की सम्भावना है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -