Homeदेश-समाजतलाक पेपर पर हस्ताक्षर नहीं किया तो मोहम्मद अफजल ने 2 बच्चों सहित बीवी...

तलाक पेपर पर हस्ताक्षर नहीं किया तो मोहम्मद अफजल ने 2 बच्चों सहित बीवी को बनाया बंधक

"तलाक वाले कागजात पर हस्ताक्षर न करने से बौखलाए मेरे पति मोहम्मद अफजल ने मारपीट की। उसने मुझे और मेरे 2 बच्चों को कई दिनों तक घर में बंद कर के रखा।"

तीन तलाक के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार ने क़ानून तो बना दिया लेकिन जबरन तलाक के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। बिहार में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी व बच्चों को सिर्फ़ इसीलिए बंधक बनाए रखा क्योंकि वह अपनी बीवी से तलाक चाहता था। आरोपित की पत्नी ने तलाक सम्बंधित कागजात पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसने अपने बीवी-बच्चों को ही बंधक बना लिया। मामला बिदुपुर थाना के अंतर्गत आने वाले दिलावरपुर का है।

पीड़िता ने बताया कि तलाक वाले कागजात पर हस्ताक्षर न करने से बौखलाए उसके पति मोहम्मद अफजल ने मारपीट भी की। उसने पीड़िता को अपने 2 बच्चों सहित कई दिनों तक घर में बंद कर के रखा। पीड़िता ने किसी तरह से इस घटना की सूचना पड़ोसियों के माध्यम से अपनी बहन को दी, जिसके बाद उसे आजाद कराया जा सका। महिला को सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

पीड़िता ने बताया कि उसका पति पटना की किसी महिला के साथ प्रेम में है और उससे निकाह करना चाहता है। इसीलिए उसने तलाक सम्बंधित दतावेज पर हस्ताक्षर कराने के लिए जबरदस्ती की। पीड़ित महिला ने अपने पति पर प्रताड़ना का आरोप भी लगाया। विरोध किए जाने पर उसके पति मोहम्मद अफजल ने उसे कई दिनों तक प्रताड़ित किया। पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही है।

तलाक पेपर पर हस्ताक्षर कराने के लिए पति ने प्रताड़ित किया (वीडियो साभार: लाइव हिंदुस्तान)

पीड़िता की बहन ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अफजल और उसका पूरा परिवार मिल कर उसकी बहन को प्रताड़ित करता था। उसने न सिर्फ़ पीड़िता को बंधक बनाया बल्कि 4 दिनों तक खाना-पीना भी नहीं दिया। पुलिस ने कहा कि अभी तक पीड़ित पक्ष की तरफ से कोई मामला नहीं दर्ज कराया गया है और मामला दर्ज होते ही कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -