Homeदेश-समाज'मुझे प्यार करो, बाथरूम चलो...': बिहार के मेडिकल कॉलेज में परीक्षा पास करने की...

‘मुझे प्यार करो, बाथरूम चलो…’: बिहार के मेडिकल कॉलेज में परीक्षा पास करने की शर्त, छात्राओं की शिकायत पर FIR दर्ज

"सर ने कहा तुम्हारे इतने कम नंबर आए हैं। क्या करोगी। पास होगी या फेल। मैंने कहा पास होना है। वे बोले-उधर चलो, बाथरूम की ओर। मैंने मना किया तो जबरदस्ती पकड़ लिया। मैं रोने लगी तो मुझे छोड़ दिया।"

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है नालंदा। यहीं पर वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी नाम का मेडिकल कॉलेज है। यह मेडिकल कॉलेज छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण को लेकर चर्चा में है।

छात्राओं ने एचओडी समेत 5 लोगों पर छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। बिहार पुलिस ने एक्स/ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए बताया है कि इस मामले में एचओडी विजेंद्र प्रसाद, डॉक्टर निर्मल कुमार, डॉक्टर जितेश, डॉक्टर अजय कुमार और क्लर्क निरंजन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छात्राओं का कहना है कि एचओडी ने परीक्षा में पास करने के लिए उन्हें अपने कमरे में बुलाकर किस करने की कोशिश की। आरोपितों ने उनसे बाथरूम चलने को कहा। कहा कि मुझे प्यार करो तो पास करेंगे। छात्राओं ने अश्लील बात करने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया है।

दैनिक भास्कर ने एक छात्रा के हवाले से बताया ​है कि मेडिकल कॉलेज में 6 दिसंबर 2023 को मौखिक परीक्षा थी। छुट्टी होने के बाद छात्राएँ अपने कमरे पर चली गईं। इसके बाद उन्हें फोन कर कॉलेज बुलाया गया। कॉलेज आने पर एचओडी इन छात्राओं को एक-एक कर कमरे में बुलाया और अश्लील हरकत की।

छात्रा के अनुसार, “सर ने कहा तुम्हारे इतने कम नंबर आए हैं। क्या करोगी। पास होगी या फेल। मैंने कहा पास होना है। वे बोले-उधर चलो, बाथरूम की ओर। मैंने मना किया तो जबरदस्ती पकड़ लिया। मैं रोने लगी तो मुझे छोड़ दिया। डॉक्टर अजय कुमार, डॉक्टर जीतेश कुमार ने मुझे पकड़ रखा था।”

एक अन्य छात्रा के अनुसार घटना के वक्त आरोपित नशे की हालत में थे। उससे पूछा गया कि यदि उसे टॉप कर दिया गया तो बदले में वह क्या करेगी। कथित तौर पर डॉक्टर निर्मल कुमार ने उससे पैर छुकर आशीर्वाद लेने को कहा। लेकिन पैर छुने को वह जैसी ही झुकी उसे पकड़ कर किस करने की कोशिश की। पीड़ित छात्राएँ ओटी असिस्टेंट की पढ़ाई कर रही हैं।

छात्राओं का यह भी आरोप है कि शुरुआत में उनके आरोप को गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस ने उन्हें थाने से भगा दिया। हालाँकि स्थानीय ओपी प्रभारी अनीता कुमारी ने इस आरोप को गलत बताया है। कहा है कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि मामले की जाँच के लिए जिलाधिकारी ने एक टीम का गठन किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Uber, ओला, Rapido… एक ही जगह का किराया बार-बार क्यों बदलता रहता है?, कैसे बचाएँ अपनी जेब के पैसे

ओला, Uber या Rapido जैसी ऐप्स का सिस्टम एक ऐसे एल्गोरिदम से चलता है जिसे सिर्फ मुनाफा और संतुलन समझ आता है। जानें कैसे स्मार्ट यूजर बनें।

सिनेमाई परदे पर यूरोप की सुलगती हकीकत है Citizen Vigilante Movie: समझें- क्यों परेशान हैं दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी और लेफ्ट लिबरल?

लिबरल और वामपंथी समीक्षक 'सिटीजन विजिलांते' फिल्म को चाहे कितनी भी कम रेटिंग क्यों न दें, इस फिल्म ने अपना काम कर दिया है।
- विज्ञापन -