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पकड़ा गया काली मंदिर के पुजारी का हत्यारा मोहम्मद जीशान: सिर और चेहरे में लाठी से किए थे ताबड़तोड़ वार, बाहर डाल दिया था शव

मृत पुजारी रामदास मूल रूप से जिला गोरखपुर के बताए जा रहे हैं। वो लगभग 20 साल पहले हरिद्वार से बिजनौर के काली मंदिर में पूजा पाठ करने आए थे। उनकी हत्या बड़ी निर्ममता से की गई थी।

उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में 10 दिसम्बर, 2021 (शुक्रवार) की रात हुई जयमहाकाली मंदिर के पुजारी रामदास की हत्या का खुलासा हुआ है। बिजनौर पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद जीशान को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, सट्टे में जीत के लिए लकी नंबर न मिलने से नाराज हो कर उसने पुजारी रामदास गिरी की हत्या की है। घटना थाना नांगल के गाँव नांगल की है। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने पुजारी की हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया है।

इस मामले पर बयान देते हुए बिजनौर पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘मृत पुजारी की उम्र लगभग 60 वर्ष थी। उनकी हत्या लाठियों से पीट कर हुई थी। इस मामले में थाना पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस की टीमें भी लगाई गई थी। घटना की वजह पुजारी से सट्टे का लकी नंबर निकलवाना था। बिजनौर के जीशान ने कई बार लकी टिकट नंबर लगवाया था। इसके दौरान उसने गिफ्ट के रूप में मोबाइल फोन और पैसे भी दिए थे। कुछ समय बाद जीशान को 4-5 लाख रुपयों का घाटा हुआ। इसी के चलते मोबाइल फोन पर उसका पुजारी से विवाद हुआ। इस दौरान गाली-गलौज भी हुआ। इसी के बाद रात में जीशान ने पुजारी की हत्या कर दी। हत्या में जीशान द्वारा लाठी का प्रयोग किया गया था। जीशान को गिरफ्तार कर के जेल भेजा जा रहा है। ‘

पुलिस के मुताबिक, मामले में FIR संख्या 155 / 21 के तहत धारा 304 के तहत हो रही कार्रवाई में धारा 302 बढ़ाई गई है। आरोपित जीशान के अब्बा का नाम मोहम्मद इब्राहिम है। जीशान बिजनौर शहर के पुराना मझली बाजार, बी 16, चाहशीरी का रहने वाला है। उसे बिजनौर के मंडावर चौराहे से गिरफ्तार किया गया है। पुजारी की हत्या मामले में शिकायत मनोज कुमार शर्मा ने की थी। पुजारी की मौत की मुख्य वजह हेड इंजरी (सिर में चोट) आना बताया गया है।

हत्या में प्रयुक्त लाठी

मृत पुजारी रामदास मूल रूप से जिला गोरखपुर के बताए जा रहे हैं। वो लगभग 20 साल पहले हरिद्वार से बिजनौर के काली मंदिर में पूजा पाठ करने आए थे। उनकी हत्या बड़ी निर्ममता से की गई थी। उनके चेहरे पर ही ज्यादातर वार किए गए थे। फर्श पर खून के छींटे पाए गए थे। कमरे का तमाम सामान भी अस्त-व्यस्त था। हत्या के बाद उनके शव को मंदिर के बाहर डाल दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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