Saturday, December 4, 2021
Homeदेश-समाजनवरात्रि में महिलाओं की पूजा, अन्य दिन रेप: कार्टून से हिंदुओं की भावनाओं को...

नवरात्रि में महिलाओं की पूजा, अन्य दिन रेप: कार्टून से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली वकील दीपिका पर FIR

दीपिका राजावत ने महिलाओं की दो स्थिति को दिखाया था। एक में पुरुष सामान्य दिन में महिला के साथ जबरदस्ती (बलात्कारी के रूप में) कर रहा था और दूसरे में उसी महिला की देवी के रूप में पूजा कर रहा था।

नवरात्रि के मौके पर महिलाओं के लिए आपत्तिजनक तस्वीर शेयर करके हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली अधिवक्ता दीपिका राजावत के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल उमरांव समेत कई लोगों ने इसकी जानकारी ट्विटर पर दी है।

सूचना के अनुसार, जम्मू कश्मीर पुलिस ने दीपिका ठुस्सु राजावत के ख़िलाफ़ जम्मू के गाँधी नगर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया है। उनके ख़िलाफ़ धारा 505 (बी)(2), 294 और 295 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों दीपिका राजावत ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी। इस पोस्ट में उन्होंने महिलाओं की दो स्थिति को दिखाया था। एक में पुरुष सामान्य दिन में महिला के साथ जबरदस्ती (बलात्कारी के रूप में) कर रहा था और दूसरे में उसी महिला की देवी के रूप में पूजा कर रहा था।

इस तस्वीर को शेयर करते हुए दीपिका ने “विडम्बना” शब्द का इस्तेमाल किया था। इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने दीपिका के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग उठाई थी और उनकी गिरफ्तारी के लिए ट्विटर पर हैशटेग भी ट्रेंड होने लगा था।

कुछ लोग दीपिका के ‘राजावत’ सरनेम को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दीपिका ने मेजर से शादी करके उनके सरनेम का इस्तेमाल किया और अलग होने के बाद भी उनके उपनाम का प्रयोग कर रही हैं व अपने बयानों से राजपूतों को बदनाम भी कर रही हैं।

बता दें कि दीपिका ठुस्सु एक कश्मीरी वकील हैं और जनवरी साल 2018 में एक नाबालिग से रेप की घटना के बाद चर्चा में आई थीं। दीपिका पीड़ित पक्ष की वकील थीं, लेकिन परिवार ने बाद में उन्हें केस से हटा दिया था। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया था कि दीपिका इस मामले से सिर्फ पब्लिसिटी ले रही हैं और उनकी केस में कोई रूचि नहीं हैं, वह आदालत में भी नहीं आती हैं।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विनोद दुआ को कैसे याद करूँ… पाखंड हुआ नहीं जाता और गोधरा में जलाए गए रामभक्त भी याद आए जा रहे

इसे पाखंड कहूँ या विडंबना विनोद दुआ को उसी इस तरह की श्रद्धांजलि खूब पड़ रही है जो वे नहीं चाहते थे। दुखद यह है कि ऐसा उनके लिबरल-सेकुलर मित्र भी कर रहे।

‘आतंक का कोई मजहब नहीं होता’ – एक आदमी जिंदा जला कर मार डाला गया और मीडिया खेलने लगी ‘खेल’

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाया जा रहा प्रोपगेंडा जिन स्थानीय खबरों पर चल रहा है उनमें बताया जा रहा है कि ये सब अराजक तत्वों ने किया था, इस्लामी भीड़ ने नहीं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
141,521FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe