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डोसा साथ सांभर न देने पर बिहार के रेस्टॉरेंट पर कोर्ट ने ठोका जुर्माना: कहा – ग्राहक को हुई मानसिक, शारीरिक और आर्थिक पीड़ा

अदालत ने जुर्माना भरने के लिए 'नमक' नाम के इस रेस्टोरेंट को 45 दिन का समय दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर जुर्माने को समय पर नहीं भरा गया तो इस पर 8 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज लगेगा और ब्याज सहित जुर्माने को भरना पड़ेगा।

बिहार में डोसा के साथ सांभर नहीं परोसने पर कोर्ट ने रेस्टोरेंट पर 3,500 रुपए का जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता अदालत ने कहा कि सांभर नहीं परोसने से ग्राहक को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक पीड़ा एवं परेशानी हुई है। जुर्माना भरने के लिए कोर्ट ने रेस्टोरेंट के मालिक को 45 दिन का समय दिया है।

मामला बिहार के बक्सर जिले का है। पेशे से वकील मनीष गुप्ता अपने जन्मदिन के अवसर पर 15 अगस्त 2022 का ऑर्डर दिया। डोसा की कीमत 140 रुपए का भुगतान करने के बाद वह पैकेट लेकर अपने घर लौट आए। जब उसे खोलकर देखा तो उसमें सांभर नहीं था।

इसके बाद मनीष गुप्ता रेस्टोरेंट गए और सांभर के बारे में बात की। हालाँकि, रेस्टोरेंट ने इस पर ध्यान नहीं दिया कहा, ‘140 रुपये में क्या रेस्टोरेंट खरीदोगे’। इसके बाद मनीष गुप्ता ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस का भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला तो इसकी शिकायत उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में की।

लगभग 11 महीने बाद बाद उपभोक्ता अदालत ने आवेदक मनीष गुप्ता को इस मामले में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से पीड़ित बताया। इसके आधार पर अदालत ने रेस्टोरेंट पर 3500 रुपए का जुर्माना लगाया। इसमें मुकदमेबाजी के लिए 1500 रुपए और मूल जुर्माना की राशि 2000 रुपए है।

अदालत ने जुर्माना भरने के लिए ‘नमक’ नाम के इस रेस्टोरेंट को 45 दिन का समय दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर जुर्माने को समय पर नहीं भरा गया तो इस पर 8 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज लगेगा और ब्याज सहित जुर्माने को भरना पड़ेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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