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बच गई ‘नो CAA, नो NRC’ लिखी दुकानें, बाकी को कर दिया ख़ाक: सामने आया दिल्ली दंगों का ‘ट्रेंड’

यह सब घटनाएँ संयोग नहीं हो सकतीं। दिल्ली का यह हिन्दू विरोधी दंगा हिन्दुओं एक नरसंहार ही था, जो सुनियोजित षड्यंत्र और बर्बर हत्याओं के रूप में स्पष्ट तौर पर नजर आता है।

दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में हुए हिन्दू विरोधी दंगों की साजिश कितनी सुनियोजित और पुख्ता थी, इस बात के सबूत लगातार सामने आते जा रहे हैं। इन दंगों में हिन्दुओं की बर्बर हत्या, नालों से मिलती लाशों, दुकानों, मकानों, स्कूल, मंदिर पर हुए हमले और आगजनी की खबरों के साथ साथ रोज नए-नए साक्ष्य सामने आ रहे जो साफ़ तौर पर इस दंगे के पूर्व नियोजित होने की तरफ संकेत करते हैं।

दिव्य कुमार सोती ने ‘कैपिटल टीवी’ की एक ग्राउंड रिपोर्ट से जुड़ा विडियो ट्वीट किया है, जो कुछ ऐसा ही इशारा करते हुए कुछ सवाल छोड़ जाता है।

इस विडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह ‘NO NRC, NO CAB’ या ‘No CAA’ लिखी हुई दुकानें आगजनी से बच जाती हैं और ठीक उनके बगल में मौजूद हिन्दुओं की दुकानें जिन पर ऐसा नहीं लिखा होता, चुन-चुन कर फूँक दी जाती हैं। यह अकेला ऐसा “संयोग” इस दंगे के दौरान देखने में नहीं आया है।

ऑपइंडिया की रिपोर्ट में हमने पहले भी स्थानीय लोगों के हवाले से बताया था कि जब हम शिव विहार स्थित भगवान शिव चौक’ पहुँचे थे तो वहाँ ईंट-पत्थर इस तरह बिखरे हुए थे, जैसे वो दंगों का केंद्रबिंदु रहा हो। वहाँ अब सुरक्षा-व्यवस्था के तगड़े बंदोबस्त हैं। इसके बाद हम आगे शिव विहार चौक पहुँचे थे जहाँ एक मुस्लिम के स्वामित्व वाले राजधानी स्कूल से चारों तरफ हमले किए गए। वहीं हिन्दुओं का डीआरपी स्कूल ख़ाक में मिला दिया गया। बकौल लोकल हिन्दू, राजधानी स्कूल में क़रीब 300 दंगाई गुंडे जमा थे।

चौक पर एक व्यक्ति ने बताया था कि रोड के उस तरफ़ मुस्लिमों के घर हैं, जो महफूज हैं। यह व्यक्ति अपनी जली हुई दुकान देखने आया था। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद हिन्दुओं ने कई मुस्लिम महिलाओं को सुरक्षित उनके घरों तक पहुँचाया, जो दोनों पक्षों के संघर्ष में फँस गई थी। इधर हिन्दू सबकी मदद करते रहे, उधर मुस्लिम भीड़ गुलेल से पत्थर फेंकती रही और पेट्रोल बम बरसाती रही।

यह सब घटनाएँ संयोग नहीं हो सकतीं। दिल्ली का यह हिन्दू विरोधी दंगा हिन्दुओं एक नरसंहार ही था, जो सुनियोजित षड्यंत्र और बर्बर हत्याओं के रूप में स्पष्ट तौर पर नजर आता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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