Monday, July 22, 2024
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ED के सामने पेश होने में क्या दिक्कत है, केजरीवाल से हाई कोर्ट का सवाल: दिल्ली के CM ने कहा- दिक्कत नहीं पर हमको कुछ ‘प्रोटेक्शन’ चाहिए

दिल्ली के शराब घोटाले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए 9वाँ समन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोर्ट पहुँच गए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि ED ने उन्हें पूछताछ के बहाने के गिरफ्तार करना चाहती है। इसलिए उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी जाए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे राहत दिए बिना किसी निर्देश के ही एक महीने के लिए टाल दी है।

दिल्ली के शराब घोटाले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए 9वाँ समन के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोर्ट पहुँच गए। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि ED ने उन्हें पूछताछ के बहाने के गिरफ्तार करना चाहती है। इसलिए उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी जाए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे राहत दिए बिना किसी निर्देश के ही एक महीने के लिए टाल दी है।

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम केजरीवाल को समन भेजकर 21 मार्च 2024 को पेश होने के लिए कहा है। इससे पहले ही सीएम केजरीवाल दिल्ली हाई कोर्ट पहुँच गए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने बुधवार (20 मार्च 2024) को मामले की सुनवाई की।

दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने सीएम केजरीवाल से पूछा कि ईडी ने उन्हें 9 समन जारी किए हैं, लेकिन वे पेश क्यों नहीं हुए। इस पर सीएम केजरीवाल की ओर पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ED के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का भरोसा दिया जाए।

इस पर पीठ ने अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सामान्य प्रथा क्या है और क्या यह पहले समन के दौरान ही लोगों को गिरफ्तार कर लेती है। इस पर सीएम केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कहा कि यह नई शैली है और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह को भी एजेंसी ने इसी तरह गिरफ्तार किया था।

इस पर खंडपीठ ने प्रवर्तन निदेशालय से जवाब माँगा। इस याचिका का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है। हालाँकि, केंद्रीय एजेंसी ने इस पर जवाब दाखिल करने की बात कही। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2024 को करने की कही। इस दौरान ईडी के समन और सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया।

याचिका में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दलील दी कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भेजे गए सारे समन गैरकानूनी हैं और निचली अदालत की ओर से उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईडी व सीबीआई उन्हें बार-बार समन जारी कर रही है। उन्होंने दावा किया है कि यह समन सिर्फ राजनीतिक मकसद से जारी किए गए हैं।

वहीं, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “आज दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली। केजरीवाल खुद ED के समन को अवैध बताते थे और खुद ही कोर्ट गए थे। कोर्ट ने आज उन्हें आईना दिखा दिया कि आप कानून से बड़े नहीं हैं। आपको जाँच एजेंसी का समाना करना पड़ेगा। मैं अरविंद केजरीवाल और AAP के सभी नेताओं से कहता हूँ कि झूठी बहानेबाजी छोड़िए और जाँच का सामना कीजिए और कोर्ट में पेश हो जाइए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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