Homeदेश-समाजJNU वाले उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ, मोबाइल फोन भी जब्त: दिल्ली हिन्दू-विरोधी...

JNU वाले उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ, मोबाइल फोन भी जब्त: दिल्ली हिन्दू-विरोधी दंगों से जुड़ा है मामला

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ की। चार्जशीट के अनुसार, उमर खालिद ने लोगों को भड़काया था कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दिल्ली दौरे के समय सड़क पर उतरें और अराजकता पैदा करें।

जेएनयू के छात्र नेता रहे उमर खालिद से दिल्ली पुलिस ने सवाल-जवाब किया है। उमर खालिद से दिल्ली दंगों के सम्बन्ध में पुलिस ने पूछताछ की। साथ ही उसके मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके साथ पूछताछ की। शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को स्पेशल सेल ने उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ की। बता दें कि दिल्ली में फ़रवरी के अंतिम सप्ताह में हिन्दू-विरोधी दंगे भड़क गए थे।

इससे पहले दायर की गई चार्जशीट में उमर खालिद और उसके साथियों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने दिल्ली में साजिश रच कर दंगे भड़काए। चार्जशीट के अनुसार, उमर खालिद ने लोगों को भड़काया था कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दिल्ली दौरे के समय सड़क पर उतरें और अराजकता पैदा करें। इससे पहले जेएनयू के ही छात्र शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।

पूछताछ में ताहिर हुसैन ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि उसने 8 जनवरी को ही सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थल शाहीनबाग में खालिद सैफी (India Against Hate Group) और उमर खालिद (JNU) के साथ मिलकर इस दंगे की योजना बना ली थी। उसने कबूला कि वो और भी कई सीएए विरोधी प्रदर्शन के आयोजकों से संपर्क में था। ताहिर ने पूछताछ के दौरान ये भी बताया कि वो सीएए विरोधी प्रदर्शनों के लिए पैसे की भी व्यवस्था करता था

साथ ही वो अपनी कंपनी के अकाउंट से भी उन्हें फंडिंग करता था। उसने यह भी खुलासा किया कि दिल्ली में एंटी सीएए प्रोटेस्ट की शुरुआत से ही वो लियाकत अली, इरशाद, शादाब, आबिद, मोहम्मद रेहान और अरशद प्रधान आदि के संपर्क में था। इस मामले में  पिंजरा तोड़ की नताशा नरवाल और देवांगना कलीता को जाफराबाद दंगा के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस इस मामले में तेजी के आगे बढ़ रही है।

दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में एसआईटी ने खालिद सैफी (Khalid Saifi) को गिरफ्तार किया था। खालिद सैफी (Khalid Saifi) को चाँद बाग में हुई हिंसा की साजिश में शामिल होने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। खालिद सैफी की गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा था कि ये वही खालिद सैफी है, जो उमर खालिद पर गोली चलने का अकेला गवाह था। इस मामले का दूसरा कोई गवाह नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -