Wednesday, August 4, 2021
Homeदेश-समाजदीप सिद्धू और इकबाल सिंह को लेकर लालकिले पर पुलिस ने किया क्राइम सीन...

दीप सिद्धू और इकबाल सिंह को लेकर लालकिले पर पुलिस ने किया क्राइम सीन रिक्रिएट: 26 जनवरी हिंसा की जाँच तेज

हिंसा उकसाने के आरोपितों दीप सिद्धू और इकबाल सिंह को लेकर दिल्ली पुलिस शनिवार को उन रास्तों पर गई, जहाँ-जहाँ से उपद्रवी लाल किले तक पहुँचे थे। लाल किले के भीतर दोनों कहाँ-कहाँ गए और क्‍या-क्‍या किया और किस प्रकार हिंसा के बाद ये लोग लौटकर गए। पुलिस ने यह जानने के लिए सीन रीक्रिएट किया है।

देश की राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को कथित किसानों ने ट्रैक्टर रैली की आड़ में जमकर उत्पात मचाया, तोड़फोड़ की और लाल जिले की प्राचीर पर चढ़कर तिरंगे का अपमान करते हुए धार्मिक झंडा फहरा दिया। वहीं अब इस मामले में गहन जाँच के लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम गिरफ्तार दीप सिद्धू और इकबाल सिंह को आज लाल किला लेकर पहुँची, जहाँ लाल किले पर हुई घटना के सीन को रीक्रिएट किया गया।

बता दें, हिंसा उकसाने के आरोपितों दीप सिद्धू और इकबाल सिंह को लेकर दिल्ली पुलिस शनिवार को उन रास्तों पर गई, जहाँ-जहाँ से उपद्रवी लाल किले तक पहुँचे थे। लाल किले के भीतर दोनों कहाँ-कहाँ गए और क्‍या-क्‍या किया और किस प्रकार हिंसा के बाद ये लोग लौटकर गए। पुलिस ने यह जानने के लिए सीन रीक्रिएट किया है।

पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा और अराजकता के पीछे मुख्य रूप से दीप सिद्धू का हाथ था। उसे दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के दल ने सोमवार की रात को हरियाणा में करनाल बाइपास के पास से गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी से पहले दीप सिद्धू लगातार वीडियो के माध्यम से बयान जारी कर रहा था। पता चला था कि पंजाबी एक्टर जो भी वीडियो फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करता है, उसके पीछे सिद्धू की एक बेहद करीबी महिला मित्र है। ये महिला मित्र भारत से बाहर विदेश में बैठकर सिद्धू के वीडियो अपलोड करती थी। इसके पीछे सिद्धू की चाल जाँच एजेंसियों को भटकाने की थी। वो पेशेवर अपराधियों की तरह ‘खेल’ रहा था।

गौरतलब है कि हिंसा के बाद, दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह और गुरजंत सिंह पर एक-एक लाख रुपए के नकद इनाम की घोषणा की थी जबकि जसबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह पर 50,000-50,000 रुपए इनाम रखा। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और करीब 500 पुलिसकर्मियों सहित कई घायल हुए थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी ने POCSO एक्ट का किया उल्लंघन, NCPCR ने ट्वीट हटाने के दिए निर्देश: दिल्ली की पीड़िता के माता-पिता की फोटो शेयर की...

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने राहुल गाँधी के ट्वीट पर संज्ञान लिया है और ट्विटर से इसके खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है।

‘धर्म में मेरा भरोसा, कर्म के अनुसार चाहता हूँ परिणाम’: कोरोना से लेकर जनसंख्या नियंत्रण तक, सब पर बोले CM योगी

सपा-बसपा को समाजिक सौहार्द्र के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उनका इतिहास ही सामाजिक द्वेष फैलाने का रहा है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,975FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe