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शाहरुख पठान को जमानत देने से दिल्ली HC का भी इंकार, याचिका में कहा था- अम्मी-अब्बू की तबीयत खराब है

शाहरुख पठान ने इस अर्जी में अपने पिता के ऑपरेशन का हवाला देकर जमानत माँगी थी। उसने कहा था कि उसका कोई पुराना अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। चार्जशीट दायर हो चुकी है। माता-पिता की सेहत खराब है, उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगो के दौरान सरेआम पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को ज़मानत देने से दिल्ली HC ने इंकार कर दिया है। इसी के साथ शाहरुख ने ज़मानत अर्जी वापस ले ली है। वह उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में हुई हिंसा के मामले का आरोपित है।

शाहरुख पठान ने इस अर्जी में अपने पिता के ऑपरेशन का हवाला देकर जमानत माँगी थी। उसने कहा था कि उसका कोई पुराना अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। चार्जशीट दायर हो चुकी है। माता-पिता (अम्मी-अब्बू) की सेहत खराब है, उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले शाहरुख पठान ने कोरोना का हवाला देकर जमानत माँगी थी। लेकिन उसकी जमानत अर्जी को कड़कड़डूमा कोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने साफ कहा था कि अभी आरोपित शाहरुख पठान को जमानत नहीं दी जा सकती है।

आरोपित शाहरुख पठान के मामले की पैरवी कर रहे वकील असगर खान ने जमानत याचिका में दावा किया था कि जेल में बड़ी संख्या में कैदी हैं और वहाँ कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने का जोखिम बहुत अधिक है।

अदालत की कार्यवाही के दौरान, दिल्ली पुलिस के विशेष लोक अभियोजक डीके भाटिया ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि ये पठान ही था, जिसने इलाके में भीड़ का नेतृत्व किया था। उन्होंने यह कहते हुए जमानत न देने का आग्रह किया कि फिलहाल जाँच जारी है।

इसके बाद जमानत याचिका को खारिज करते हुए, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने कहा, “विरोध करने का अधिकार लोकतंत्र में एक मौलिक अधिकार है, लेकिन शांतिपूर्ण विरोध और सरकारी नीतियों की खुली आलोचना का अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने के लिए नहीं होता है।”

याद दिला दें गत फरवरी माह में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के विरोध में 23 और 24 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से ठीक पहले उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा हुई थी। इस दौरान जाफराबाद-मौजपुर इलाके में लोगों को भड़काने और हलवदार पर पिस्तौल तानने के आरोपित शाहरुख को यूपी के शामली से 3 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।

हिंसा के दौरान शाहरुख ने जाफराबाद इलाके में 8 राउंड फायरिंग की थी। उसके पास से एक पिस्तौल तथा दो कारतूस जब्त किए गए थे। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में शाहरुख के घर से पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए थे। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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