Homeदेश-समाजअसम की पत्रिका में माँ दुर्गा की आपत्तिजनक तस्वीर: संपादक और फोटोग्राफर को गुवाहाटी...

असम की पत्रिका में माँ दुर्गा की आपत्तिजनक तस्वीर: संपादक और फोटोग्राफर को गुवाहाटी हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत

दोनों आरोपितों को इस शर्त पर अग्रिम जमानत मिली है कि वो जाँच में सहयोग करेंगे और पुलिस उन्हें जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी, वो हाजिर होंगे।

माँ दुर्गा की आपत्तिजनक तस्वीर प्रकाशित करने के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ‘नंदिनी’ पत्रिका की संपादक मैनी महंता और फोटोग्राफर यूनिक बोरा को अंतरिम जमानत दे दी है। ये दोनों गिरफ़्तारी से पहले गुवाहाटी उच्च-न्यायालय से अंतरिम राहत पाने में कामयाब रहे। आरोप है कि इन्होंने असम की पत्रिका में माँ दुर्गा की छेड़छाड़ की हुई प्रतीकात्मक तस्वीर प्रकाशित की, जिससे हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँची है।

असमी पत्रिका ‘नंदिनी’ में ये तस्वीर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में FIR दर्ज की थी। दोनों आरोपित अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट पहुँचे, जहाँ से उन्हें राहत मिल गई। न्यायाधीश हितेश कुमार शर्मा की पीठ ने कहा कि मामला दर्ज हो गया है और सभी उपलब्ध सबूतों की जाँच होने तक और सुनवाई के लिए अगली तारीख मुकर्रर होने तक इन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की जाती है।

‘प्रागज्योतिषपुर आईका संघ’ और के अध्यक्ष एम कैलाश और महासचिव अपन चौधरी के अलावा ‘होजई डिस्ट्रिक्ट यूथ कमिटी’ ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट ने इस मामले की केस डायरी तलब की थी, लेकिन पुलिस अभी इसे पेश नहीं कर पाई। कोर्ट ने जाँच अधिकारी से पूछा कि क्या FIR के आधार पर कोई केस दर्ज किया गया है या नहीं। दोनों आरोपितों को इस शर्त पर अग्रिम जमानत मिली है कि वो जाँच में सहयोग करेंगे और पुलिस उन्हें जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी, वो हाजिर होंगे।

साथ ही उन्हें जाँच प्रक्रिया में बाधा न पहुँचाने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही उन्हें इस मामले से जुड़े ऐसी किसी भी व्यक्ति को धमकी देने या मनाने से भी मना किया गया है, जो पुलिस या अदालत के समक्ष इससे जुड़े तथ्य रखने वाले हैं। दोनों से 10,000 रुपए का बॉन्ड भी भरवाया गया। याचिककर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता एम विश्वास गुवाहाटी हाईकोर्ट में पेश हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर, 2021 को होगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -