Homeदेश-समाजफाँसी से झूलता मिला पूर्व CBI निदेशक और नागालैंड के पूर्व राज्यपाल का शव,...

फाँसी से झूलता मिला पूर्व CBI निदेशक और नागालैंड के पूर्व राज्यपाल का शव, चिट्ठी में बताई वजह

नागालैंड के पूर्व राज्यपाल व पूर्व सीबीआई निदेशक अश्वनी कुमार का शव शिमला स्थित उनके घर पर फाँसी के फंदे से झूलते मिला।

नागालैंड के पूर्व राज्यपाल व पूर्व सीबीआई निदेशक अश्वनी कुमार का शव शिमला स्थित उनके घर पर फाँसी के फंदे से झूलते मिला। शिमला के पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि अश्वनी कुमार का शव उनके घर में फंदे से झूलता पाया गया। बता दें अश्विनी कुमार सीबीआई चीफ रहने से पहले हिमाचल प्रदेश पुलिस के डीजीपी रह चुके थे।

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि जिंदगी से तंग आकर अगली यात्रा पर निकल रहा हूँ। खुदकुशी की इस घटना से हर कोई स्तब्ध है। मोहित ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया है कि यह हैंगिंग का मामला है और इसकी जाँच की जा रही है।

15 नवंबर 1950 को जन्मे अश्विनी कुमार ने अपनी शुरुआती शिक्षा किन्नौर के आदिवासी जिले में स्थित कोठी गाँव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में पूरी की थी। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज, देहरादून में पढ़ाई की और सरकारी कॉलेज, नाहन, हिमाचल प्रदेश से 1971 में स्नातक किया।

1973 में भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service) में शामिल होने के बाद, उन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के सदस्य के रूप में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया। जुलाई 2008 से नवंबर 2010 तक सीबीआई निदेशक के रूप में कार्य करते हुए, उन्हें कई हाई-प्रोफाइल मामलों को सुलझाने के लिए श्रेय दिया गया।

इसके बाद, उन्होंने मणिपुर और नागालैंड के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया। कुमार को 1989 में सराहनीय सेवाओं के लिए भारतीय पुलिस पदक और 1999 में विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -