Homeदेश-समाज'हमसे रोज ₹100 लेते हैं आम आदमी पार्टी के पार्षद': सूरत में इकट्ठा हुए...

‘हमसे रोज ₹100 लेते हैं आम आदमी पार्टी के पार्षद’: सूरत में इकट्ठा हुए फेरीवालों ने केजरीवाल की पार्टी पर लगाया वसूली का आरोप

इस साल हुए गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी सूरत में दूसरे नंबर पर रही थी। तब आप पार्टी को कुल 30 वार्डों की 120 में से 27 सीटें हासिल हुईं थीं। वहीं, भाजपा ने सबसे अधिक 93 सीटें हासिल की थीं।

सोशल मीडिया पर गुजरात के सूरत शहर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में फेरीवालों ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों पर हर किसी 100 रुपए वसूली करने का आरोप लगाया है। जी मीडिया के संवाददाता चेतन पटेल ने इस वीडियो को शेयर किया है।

इस वीडियो में एक व्यक्ति को कहते सुना जा सकता है, “एक तरफ वो कहते हैं कि हम सबसे ईमानदार पार्टी हैं। क्या यही है ईमानदारी? यहाँ किसी से भी पूछ लो, अगर मैं झूठ बोल रहा हूँ तो।” इस आरोप पर भीड़ सहमत होती दिखाई दे रही है। भीड़ ने स्वीकार किया कि उन्हें रोज 100 रुपए आम आदमी पार्टी के पार्षदों को देना पड़ता है। अगर इसका हिसाब किया जाए तो साल भर में ये संख्या करोड़ों में होगी। अंत में उसने ऐसा करने वालों में आम आदमी पार्टी के पार्षदों का नाम लिया। पीछे खड़े लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। मौके पर पुलिस का वाहन भी खड़ा दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि इस साल हुए गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी सूरत में दूसरे नंबर पर रही थी। तब आप पार्टी को कुल 30 वार्डों की 120 में से 27 सीटें हासिल हुईं थीं। वहीं, भाजपा को सबसे अधिक 93 सीटें मिली थीं, जबकि कॉन्ग्रेस का खाता भी नहीं खुला था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -