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रेप आरोपित पूर्व मंत्री को 1 साल से बचा रही केजरीवाल सरकार, दिल्ली पुलिस को भेजना पड़ा रिमाइंडर

संदीप कुमार के खिलाफ राशन कार्ड बनवाने के नाम पर एक महिला से रेप करने का आरोप है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में दिख रही पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि...

दिल्ली पुलिस ने राज्य के पूर्व मंत्री संदीप कुमार के खिलाफ यौन उत्पीड़न के एक मामले में केजरीवाल सरकार को रिमाइंडर भेजा है। पुलिस की ओर से भेजे गए इस रिमाइंडर में दिल्‍ली सरकार से संदीप कुमार के खिलाफ बनाई गई चार्जशीट को मंजूरी देने की माँग की गई है। पुलिस का कहना है कि केजरीवाल सरकार की ओर से मंजूरी न मिलने के कारण चार्जशीट पिछले एक साल से पेंडिंग है। दरअसल, अगर किसी जनप्रतिनिधि (आरोपी) के खिलाफ पुलिस को चार्जशीट दाखिल करनी होती है, तो इसके लिए राज्य सरकार (अगर आरोपी विधायक हो तो) से अनुमति लेनी पड़ती है।

गौरतलब है कि, संदीप कुमार के खिलाफ राशन कार्ड बनवाने के नाम पर एक महिला से रेप करने का आरोप है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में दिख रही पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि राशन कार्ड बनवाने और बच्चों को अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर संदीप कुमार ने उसका शारीरिक शोषण किया था। महिला की शिकायत पर साल 2016 में दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में संदीप कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया था और फिर उनको गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया था। हालाँकि, कुछ दिनों बाद ही उन्हें जमानत मिल गई थी। इस घटना के बाद अपनी किरकिरी होते देख केजरीवाल सरकार ने संदीप को मंत्री पद से हटा दिया था और पार्टी से भी निकाल दिया था।

आगामी चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में महिलाओं के लिए मेट्रो और बस सफर मुफ्त करने की घोषणा की है, लेकिन रेप के आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की मंजूरी में देरी को लेकर लोग केजरीवाल पर निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ तो केजरीवाल महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं, वहींं दूसरी तरफ रेप के आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर करने के लिए मंजूरी नहीं दे रहे हैं। ये उनका कैसा दोहरा रवैया है!

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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